कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक युग का अंत हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न केवल अपनी सत्ता बचाने में नाकाम रहीं, बल्कि अपने सबसे सुरक्षित गढ़ भवानीपुर में भी उन्हें करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है। भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर खुद को बंगाल की राजनीति का नया 'ध्रुवतारा' साबित कर दिया है। 2021 में 215 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार महज 81 सीटों पर सिमट गई है।

भवानीपुर का रोमांच: 15वें राउंड तक सांसें थाम देने वाला मुकाबला

भवानीपुर सीट पर मतगणना का रोमांच किसी फिल्म से कम नहीं था। शुरुआत से ही कांटे की टक्कर देखने को मिली:

शुरुआती बढ़त: पोस्टल बैलेट और शुरुआती 15 राउंड तक ममता बनर्जी लगातार बढ़त बनाए हुए थीं। हालांकि, दूसरे राउंड में वे एक बार पिछड़ीं, लेकिन फिर वापसी की।

16वां राउंड (टर्निंग पॉइंट): 16वें राउंड में अचानक पासा पलटा और शुभेंदु अधिकारी ने 563 वोटों की मामूली बढ़त बना ली।

अंतिम परिणाम: 17वें राउंड के बाद मार्जिन बढ़ता गया और अंततः शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। शुभेंदु को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी 58,812 वोटों पर ठहर गईं।

भवानीपुर सीट पर मतगणना के 20 राउंड किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थे। जहाँ 15वें राउंड तक ममता बनर्जी अपनी जीत की ओर बढ़ती दिख रही थीं, वहीं 16वें राउंड के बाद 'शुभेंदु लहर' ने सब कुछ बदल दिया।

राउंड (EVM)ममता बनर्जीशुभेंदु अधिकारीबढ़त/मार्जिनकौन आगे रहा?
13,6661,670+1,996ममता आगे
24,8226,380-1,558शुभेंदु आगे (पहला उलटफेर)
39,3598,461+898ममता आगे
417,2448,762+8,482ममता आगे
525,9429,236+16,706ममता आगे
630,54811,155+19,393ममता आगे
732,82215,451+17,371ममता आगे
835,52220,028+15,494ममता आगे
938,32824,486+13,842ममता आगे
1041,13829,007+12,131ममता आगे
1142,79633,321+9,475ममता आगे
1244,72937,545+7,184ममता आगे
1346,72641,377+5,349ममता आगे
1448,67144,841+3,830ममता आगे
1551,34348,414+2,929ममता की आखिरी बढ़त
1653,36953,932-563शुभेंदु आगे (निर्णायक मोड़)
1754,26560,500-6,235शुभेंदु आगे
1855,78266,785-11,003शुभेंदु आगे
1957,92672,936-15,010शुभेंदु आगे
2058,34973,463-15,114शुभेंदु अधिकारी विजयी

आंकड़ों का विश्लेषण:

ममता की मजबूत शुरुआत: तीसरे राउंड से लेकर 15वें राउंड तक ममता बनर्जी ने लगातार अपनी पकड़ बनाए रखी। एक समय (छठे राउंड में) उनकी बढ़त 19,000 वोटों से भी ज्यादा हो गई थी।

दबाव का दौर: 11वें राउंड के बाद ममता की बढ़त धीरे-धीरे घटने लगी। 11वें राउंड में जो लीड 9,475 थी, वह 15वें राउंड तक सिमटकर केवल 2,929 रह गई।

16वां राउंड - 'द टर्निंग पॉइंट': यही वह राउंड था जहाँ शुभेंदु अधिकारी ने 563 वोटों की बढ़त लेकर ममता बनर्जी को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद ममता कभी वापसी नहीं कर पाईं।

अंतिम परिणाम: आखिरी पांच राउंड में शुभेंदु अधिकारी को जबरदस्त वोट मिले, जिससे उनकी जीत का अंतर 15,114 तक पहुँच गया।

राउंड-दर-राउंड का घटनाक्रम (संक्षिप्त तालिका):

मतगणना चरणस्थिति का विवरणपरिणाम/रुझान
शुरुआती दौरपोस्टल बैलेट और प्रथम राउंडममता बनर्जी ने बनाई बढ़त।
दूसरा राउंडपहला झटकाशुभेंदु करीब 2000 वोटों से आगे निकले।
3 से 15 राउंडममता की वापसीममता बनर्जी लगातार लीड करती रहीं।
16वां राउंड'गेम चेंजर'पासा पलटा, शुभेंदु 563 वोटों से आगे हुए।
17 से 20 राउंडनिर्णायक बढ़तमार्जिन 6,235 से बढ़कर 15,105 तक पहुँचा।
अंतिम परिणामशुभेंदु की जीतशुभेंदु: 73,917

मुख्य आकर्षण: शुभेंदु अधिकारी की वह भविष्यवाणी सच साबित हुई जिसमें उन्होंने कहा था कि "मुस्लिम क्षेत्रों की गिनती (शुरुआती राउंड) में मैं पीछे रहूँगा, लेकिन अंत में जीत मेरी ही होगी।"

"यह ममता का रिटायरमेंट है"—शुभेंदु अधिकारी

जीत के बाद गदगद शुभेंदु अधिकारी ने अपनी भविष्यवाणी सच होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा:

"मैने पहले ही कहा था कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों की गिनती में मैं पीछे रहूँगा, लेकिन अंत में जीत मेरी ही होगी। यह जीत हिंदुओं के भरोसे की जीत है। नंदीग्राम और भवानीपुर की जनता ने साबित कर दिया कि वे भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के खिलाफ हैं।"

उन्होंने आगे कड़े लहजे में कहा कि "मुसलमानों ने बंगाल में हमें वोट नहीं दिया, वे कट्टरवादी सोच के साथ टीएमसी के साथ खड़े रहे, इसलिए अब मैं सिर्फ अपने उन मतदाताओं (हिंदुओं) के लिए काम करूँगा जिन्होंने मुझे जिताया है।"

बंगाल में भाजपा का 'ऐतिहासिक' उदय

पश्चिम बंगाल के चुनावी इतिहास में पहली बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। 206 सीटों के साथ भाजपा ने न केवल बहुमत का जादुई आंकड़ा पार किया, बल्कि टीएमसी के 15 साल के वर्चस्व को भी जड़ से उखाड़ फेंका।

विधानसभा की नई तस्वीर:

पार्टीसीटें (2026)
भारतीय जनता पार्टी (BJP)206
तृणमूल कांग्रेस (TMC)81
कांग्रेस02
AJUP (हुमांयू कबीर)02
माकपा (CPI-M)01
AISF01

निष्कर्ष:

ममता बनर्जी की यह हार उनके राजनीतिक करियर का सबसे कठिन मोड़ माना जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने इसे ममता का 'राजनीतिक रिटायरमेंट' करार दिया है। अब देखना यह होगा कि बंगाल में भाजपा की यह प्रचंड जीत राज्य की सामाजिक और राजनीतिक दिशा को किस ओर ले जाती है।