भोपाल: मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण में सुधार की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी भोपाल में किसानों के उग्र प्रदर्शन ने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले करीब दो हजार किसानों को जब पुलिस ने आरआरएल तिराहे के पास रोका, तो पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। दोपहर 3 बजे से शुरू हुई यह मुसीबत देर रात 10 बजे तक जारी रही, जिससे होशंगाबाद रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर करीब 6 घंटे तक गाड़ियां रेंगती नजर आईं।
बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़े किसान, बेबस नजर आई पुलिस
प्रशासन को इस आंदोलन की पूर्व सूचना थी, इसके बावजूद ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया में लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स किसानों के सैलाब को रोक नहीं सके। आक्रोशित किसान एक के बाद एक बैरिकेड्स तोड़ते हुए आरआरएल तिराहा तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। समय रहते पुख्ता इंतजाम न होने और इंटेलीजेंस के इनपुट के बाद भी सही रणनीति न बनाने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
150 कॉलोनियों के लोग कैद, अस्पताल पहुंचने के लिए तरसे परिजन
इस महाजाम का सबसे बड़ा खामियाजा होशंगाबाद रोड किनारे बसी करीब 150 कॉलोनियों के रहवासियों और दफ्तर से घर लौट रहे राहगीरों को भुगतना पड़ा।
अस्पतालों के बाहर हाहाकार: सबसे संवेदनशील स्थिति नर्मदापुरम रोड स्थित अस्पतालों के आसपास देखने को मिली। मरीज के परिजन दवाइयां और जरूरी सामान लेकर जाम में फंसे रहे।
पीड़ितों का दर्द: स्कूल शिक्षक राकेश शर्मा ने बताया कि अस्पताल में भर्ती अपने ससुर को दवा देने जाते समय उनकी कार जाम में फंस गई। वहीं सब-इंजीनियर जीपी सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कमिश्नरी में कोई ठोस इंतजाम नहीं दिखा, जिससे लोग घंटों फंसे रहे। कई लोग गाड़ियों को गलियों में छोड़कर पैदल घर जाने पर मजबूर हुए।
राहत के बजाय आफत बना ट्रैफिक डायवर्जन
जब हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए, तब पुलिस ने आनन-फानन में रूट डायवर्ट किया, जो लोगों के लिए और बड़ी मुसीबत बन गया।
आरआरएल तिराहे से वाहनों को एम्स, बाग सेवनिया और कटारा हिल्स की ओर मोड़ा गया, जिससे कटारा हिल्स रोड पर 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
मंडीदीप जाने वाले यात्री बंगरसिया रास्ते में जगह-जगह फंसे रहे।
उधर, एमपी नगर से जीजी फ्लाईओवर होकर होशंगाबाद रोड जाने वाला मार्ग बंद किए जाने से पूरा एमपी नगर क्षेत्र भी चक्काजाम की चपेट में आ गया।
पुलिस प्रशासन पर फूटा जनता का गुस्सा
शहरवासियों का कहना है कि पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था सिर्फ नाम की रह गई है और जमीनी स्तर पर प्रबंधन पूरी तरह शून्य साबित हुआ। मामले पर सफाई देते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) बसंत कौल ने माना कि मंडीदीप की ओर जाने वाले यात्रियों को असुविधा हुई है। उन्होंने बताया कि आरआरएल तिराहे से यातायात एम्स की ओर डायवर्ट किया गया था और स्थिति पर काबू पाने के लिए देर शाम तक भारी पुलिस बल तैनात रखा गया।





