मोतिहारी | बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में जहरीली स्प्रिट (शराब) का सेवन करने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जबकि कई लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

थम नहीं रही मौतों की रफ्तार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल बालगंगा निवासी चंदू की मौत के बाद आज सुबह तीन और व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया परसौना निवासी प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी और हीरालाल महतो शामिल हैं। इन सभी का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहाँ डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

आँखों की रोशनी पर वार, 'साइलेंट' मरीजों का खौफ

डॉक्टरों ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताया है। चिकित्सकीय जांच में सामने आया है कि इस जहरीली स्प्रिट के सेवन से सबसे पहले पीड़ितों की आँखों की रोशनी प्रभावित हो रही है।

बालगंगा गांव के एक व्यक्ति की आँखों की रोशनी पूरी तरह जा चुकी है।

सूत्रों के अनुसार, कई लोग पकड़े जाने के डर से चोरी-छिपे निजी क्लीनिकों में इलाज करा रहे हैं, जिससे स्थिति और भयावह हो सकती है।

शराब समझकर पी गए 'मौत का प्याला'

स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने नशों के चक्कर में स्प्रिट को शराब समझकर पी लिया था। सेवन के कुछ ही देर बाद सभी को उल्टियाँ होने लगीं और धुंधला दिखाई देने लगा। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुँचाया, लेकिन तब तक जहर शरीर में फैल चुका था।

प्रशासनिक कार्रवाई और आक्रोश

घटना के बाद बालगंगा और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि प्रशासन की नाक के नीचे अवैध स्प्रिट और शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।

पुलिस का पक्ष: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। हालांकि, पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और इस अवैध कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं की तलाश तेज कर दी गई है।

शराबबंदी पर फिर उठे सवाल

इस त्रासदी ने एक बार फिर बिहार में लागू सख्त शराबबंदी कानून की धरातलीय हकीकत और उसकी प्रभावशीलता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्षेत्र में भय का माहौल है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।