पटना: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार (16 मार्च 2026) को हुए चुनाव में सत्ताधारी NDA ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। विपक्षी महागठबंधन के पास संख्या बल होने के बावजूद, अंतिम समय में हुई रणनीतिक चूक और आंतरिक कलह के कारण NDA पांचों सीटें जीतने में सफल रहा।
कैसे हुआ 'खेला'?
चुनाव से पहले माना जा रहा था कि NDA 4 सीटें आसानी से जीत लेगा, लेकिन 5वीं सीट पर कड़ा मुकाबला था। समीकरण तब बदले जब महागठबंधन के 4 विधायक वोटिंग से गायब रहे:
कांग्रेस के 3 विधायक: सुरेन्द्र कुशवाहा (वाल्मीकिनगर), मनोज विश्वास (फारबिसगंज) और मनोहर सिंह (मनिहारी)।
राजद (RJD) का 1 विधायक: फैजल रहमान (ढाका)।
इन विधायकों की अनुपस्थिति ने महागठबंधन के उम्मीदवार एडी सिंह (Amarendra Dhari Singh) की राह मुश्किल कर दी और NDA को पांचवीं सीट के लिए जरूरी संख्या बल प्रदान कर दिया।
विजेताओं की सूची और वोट शेयर
प्रथम वरीयता के वोटों के आधार पर NDA के सभी उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया:
| उम्मीदवार | पार्टी / गठबंधन | प्रथम वरीयता वोट | परिणाम |
|---|---|---|---|
| नीतीश कुमार | JD(U) / NDA | 44 | विजयी |
| नितिन नबीन | BJP / NDA | 44 | विजयी |
| रामनाथ ठाकुर | JD(U) / NDA | 42 | विजयी |
| उपेंद्र कुशवाहा | RLM / NDA | 42 | विजयी |
| शिवेश कुमार | BJP / NDA | - | विजयी |
| एडी सिंह | RJD / महागठबंधन | 37 | हार |
महागठबंधन का 'गणित' क्यों बिगड़ा?
तेजस्वी यादव ने 5वीं सीट जीतने के लिए AIMIM के 5 और BSP के 1 विधायक का समर्थन हासिल कर लिया था, जिससे उनका आंकड़ा सुरक्षित दिख रहा था। हालांकि, अपनी ही पार्टी (RJD) और सहयोगी कांग्रेस के विधायकों की गैर-मौजूदगी ने पूरे प्लान पर पानी फेर दिया।
राजद ने आरोप लगाया है कि उनके विधायकों को प्रलोभन देकर या दबाव बनाकर रोका गया।
दूसरी ओर, जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने इसे NDA की एकजुटता और विपक्षी खेमे में असंतोष का परिणाम बताया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
नीतीश कुमार का पदार्पण: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करेंगे।
नितिन नबीन की सफलता: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी पहली बार उच्च सदन (Upper House) पहुंच रहे हैं।
विपक्ष को झटका: 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद यह महागठबंधन के लिए दूसरा बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।





