नई दिल्ली / पटना: बिहार में सड़क अवसंरचना (रोड इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को एक नई और अभूतपूर्व गति मिलने जा रही है। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच एक बेहद अहम और उच्चस्तरीय बैठक हुई। करीब आधे घंटे चली इस बैठक में बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति देने का बड़ा फैसला लिया गया।

इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए राज्य के तीन बड़े एक्सप्रेस-वे और कई मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों को पहले प्रस्तावित 4 लेन के बजाय सीधे 6 लेन (6-Lane) में अपग्रेड करने पर सहमति बनी है। बैठक में बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र और विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीधे 6 लेन में तब्दील होंगे बिहार के ये 3 बड़े एक्सप्रेस-वे

बैठक में जिन तीन महत्वपूर्ण कॉरिडोर को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक सीधे 6 लेन के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया, वे इस प्रकार हैं:

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे: यह एक्सप्रेस-वे उत्तर बिहार को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से बेहद शानदार और सुगम तरीके से जोड़ेगा।

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे: इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वी और पश्चिमी बिहार के बीच आवागमन काफी तेज और आसान हो जाएगा।

रक्सौल-हल्दिया कॉरिडोर: नेपाल सीमा से लेकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक जाने वाला यह मार्ग माल परिवहन (लॉजिस्टिक्स) और व्यापार को एक नई ऊंचाई देगा।

पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और खगड़िया-पूर्णिया कॉरिडोर पर मुहर

बैठक में राज्य के अन्य महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट्स पर भी मुहर लगी और उनके काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए:

पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: बिहार के इस पहले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी लाने पर विस्तार से चर्चा हुई। यह हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क राजधानी पटना को सीधे सीमांचल क्षेत्र से जोड़ेगा, जो राज्य के आर्थिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित होगा।

खगड़िया-पूर्णिया कॉरिडोर को मंजूरी: बैठक में 144 किलोमीटर लंबे खगड़िया-पूर्णिया खंड को हाई-स्पीड नियंत्रित 4-लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,936 करोड़ रुपये है, और भविष्य में इसे भी 6 लेन करने की योजना है।

महत्वाकांक्षी योजना: गंगा नदी के दोनों तटों पर बनेगी सड़क, जल्द तैयार होगा DPR

इस बैठक में बक्सर से भागलपुर तक गंगा नदी के दोनों किनारों पर सड़क विकसित करने की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर भी सहमति बनी है। पहले केवल दक्षिणी तट पर सड़क निर्माण की योजना थी, लेकिन अब उत्तरी तट पर भी राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की तैयारी शुरू होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार सरकार को इस परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) जल्द से जल्द तैयार कर केंद्र को भेजने का निर्देश दिया है। यह परियोजना मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बक्सर, भागलपुर सहित उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।

लंबित परियोजनाओं की समीक्षा और समाधान

समीक्षा का विषयबैठक में लिया गया निर्णय
लंबित NHAI परियोजनाएंभूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण और वन विभाग की स्वीकृति (Forest Clearance) जैसी बाधाओं की समीक्षा की गई।
समाधान की रणनीतिराज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर इन बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई। सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि जहां भी दिक्कतें हैं, वहां तेजी से समाधान कर परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

समग्र विकास को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ हुई इस बैठक में बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को नई गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन मेगा प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से सीमांचल, मिथिलांचल, उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतरीन संपर्क स्थापित होगा। इससे न सिर्फ सफर का समय आधा रह जाएगा, बल्कि राज्य में निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर विकसित होंगे।