चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के मध्यम वर्ग के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। कैबिनेट की इस बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगने की पूरी संभावना है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
जमीन की आसमान छूती कीमतों, निर्माण सामग्री (Cement, Steel आदि) की बढ़ती लागत और लेबर चार्ज में वृद्धि के कारण बिल्डर्स इस स्कीम से किनारा कर रहे थे। सरकार का मानना है कि दरों में संशोधन से निवेश बढ़ेगा और रुकी हुई परियोजनाओं में तेजी आएगी।
मेट्रो शहरों पर असर: गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में एक फ्लैट की कीमत 3 से 4 लाख रुपये तक बढ़ सकती है।
प्रस्तावित दरों का तुलनात्मक विवरण (प्रति वर्ग फुट)
| क्षेत्र / टाउन | वर्तमान दर (₹) | प्रस्तावित नई दर (₹) |
|---|---|---|
| गुरुग्राम | 5,000 | 5,575 |
| फरीदाबाद | 5,000 | 5,450 |
| हाई एवं मीडियम पोटेंशियल टाउन | 4,500 | 5,050 |
| लो पोटेंशियल टाउन | 3,800 | 4,250 |
संस्थागत निर्माण के लिए 'ऊंची इमारतें' संभव: TOD पॉलिसी में बदलाव
सरकार ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी के तहत FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) में भारी बढ़ोतरी की तैयारी में है। इससे मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के पास जमीन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
मुख्य बदलाव:
FAR में वृद्धि: संस्थागत साइट्स (स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, ऑफिस) के लिए FAR को 150% से बढ़ाकर 250% से 350% तक किया जा सकता है।
क्या होगा फायदा? अब उतनी ही जमीन पर पहले के मुकाबले दोगुने से ज्यादा निर्माण संभव होगा। उदाहरण के तौर पर, 1,000 वर्ग मीटर जमीन पर अब 3,500 वर्ग मीटर तक का भवन बनाया जा सकेगा।
पाबंदी: यह नियम निजी घरों, दुकानों या मॉल (वाणिज्यिक गतिविधियों) पर लागू नहीं होगा।
शर्तें: ग्राउंड कवरेज अधिकतम 40% ही रहेगा और मौजूदा भवनों में अतिरिक्त निर्माण के लिए स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा।
योजना का सफरनामा
अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की नींव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में रखी गई थी, जिसे मनोहर लाल सरकार ने विस्तार दिया और अब नायब सैनी सरकार इसे व्यावहारिक रूप देकर आगे बढ़ा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग को कम कीमत पर छत मुहैया कराना है।





