चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या की कमान अब CBI के पास, SIT गठित
कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति को दहला देने वाले चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब एक नया और निर्णायक मोड़ आया है। राज्य के मुख्यमंत्री (नेता प्रतिपक्ष के संदर्भ में चर्चित) सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की जांच अब औपचारिक रूप से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। केंद्रीय एजेंसी ने आज एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान संभालने की पुष्टि की।
सात सदस्यीय विशेष टीम (SIT) करेगी जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई ने डीआईजी (DIG) रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम न केवल हत्या के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करेगी, बल्कि इसके पीछे छिपे संभावित राजनीतिक या आपराधिक गठजोड़ की भी गहराई से पड़ताल करेगी।
यूपी से दबोचे गए तीन शार्पशूटर
जांच का प्रभार बदलने से ठीक पहले पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी को एक बड़ी सफलता हाथ लगी थी। तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ने उत्तर प्रदेश और बिहार में छापेमारी कर तीन शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों को पश्चिम बंगाल लाकर उत्तर 24 परगना जिले की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 13 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
"यह एक सुनियोजित हमला था। हमलावर राज्य के बाहर से बुलाए गए थे, जिससे पता चलता है कि साजिश के तार काफी गहरे जुड़े हैं।" — जांच अधिकारी
क्या था पूरा मामला?
शुरुआती जांच के विवरण रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। बताया गया कि जिस वक्त चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, दो मोटरसाइकिलों ने उनका पीछा किया। हमलावरों ने मौका पाकर गाड़ी को रुकवाया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ 10 राउंड गोलियां बरसाईं। इस घातक हमले में रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
बंगाल पुलिस ने खुद की थी सिफारिश
उल्लेखनीय है कि इस मामले में निष्पक्षता और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने ही सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब राज्य पुलिस से केस डायरी और सबूतों का प्रभार लेने के बाद सीबीआई इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।





