बैतूल (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार (28 जून) की सुबह की शुरुआत बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ की। स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल स्थानीय ग्रामीणों के साथ विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया, बल्कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री के इस अनूठे अंदाज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
दिखाया योग का हुनर, किए कई कठिन आसन
कुकरू की खूबसूरत वादियों के बीच आयोजित इस योगाभ्यास कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपनी फिटनेस से हर किसी को हैरान कर दिया। उन्होंने मयूर आसन और शीर्षासन जैसे बेहद कठिन और जटिल आसनों को सहजता से करके दिखाया। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर:
ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन और भद्रासन
वक्रासन, भुजंगासन और शलभासन इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्राणायाम के सत्र में नाड़ी शोधन, तितली आसन और भ्रामरी प्राणायाम का भी अभ्यास किया। इस दौरान उनके साथ अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे और बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे सहित अन्य अधिकारी व ग्रामीण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
'एक पेड़ मां के नाम' और कॉफी बगान का निरीक्षण
योग सत्र के संपन्न होने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देशव्यापी 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में सहभागिता करते हुए कुकरू में एक रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भी अपनी माता जी के सम्मान में एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें। इसके बाद, मुख्यमंत्री ने कुकरू के प्रसिद्ध कॉफी बगान का बारीकी से निरीक्षण किया और वहाँ के विकास व पर्यटन की संभावनाओं का जायजा लिया।
"योग संस्कृति की अमूल्य धरोहर"—सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
कुकरू में योगाभ्यास के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए जनता के नाम एक बेहद प्रेरक संदेश लिखा:
"आज बैतूल जिले के कुकरू में स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलन, ऊर्जा एवं सकारात्मकता प्रदान करता है। स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।"
मुख्यमंत्री के इस दौरे और सहज दिनचर्या ने स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों में भारी उत्साह भर दिया है, वहीं कुकरू हिल स्टेशन को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद भी जागी है।





