क्राइम डेस्क | भोपाल

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक को हिलाकर रख दिया है। कटारा हिल्स थाना पुलिस ने एक युवक की जघन्य हत्या के मामले में एक ऐसे 'साइको किलर' (सनकी हत्यारे) को गिरफ्तार किया है, जो खुद जानलेवा बीमारी एचआईवी (HIV) से पीड़ित है। पुलिसिया पूछताछ में जो सच सामने आया है, वह किसी डरावनी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है— आरोपी खुद संक्रमित होने के बाद समाज से बदला लेने की सनक में था और चाहता था कि हर कोई इस बीमारी की चपेट में आ जाए। इसी खौफनाक मकसद के लिए वह अब तक 50 से अधिक लड़कों को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसा चुका था।

पहले खिलाया खाना, फिर सुनसान पार्क में उतारा मौत के घाट

पुलिस के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 24 मई की रात को अंजाम दी गई थी। मृतक रमेश (बदला हुआ नाम) रायसेन जिले के सतलापुर का रहने वाला था और मंडीदीप की एक फैक्ट्री में काम करता था।

भरोसे में लिया: 24 मई की रात रमेश जब अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकला, तभी 11 मील बायपास स्थित इकोलॉजिकल पार्क के पास उसकी मुलाकात भोपाल के रहने वाले आरोपी कमलेश (बदला हुआ नाम) से हुई।

साजिश के तहत एकांत में ले गया: आरोपी ने पहले रमेश को अपने भरोसे में लिया और उसे साथ ले जाकर खाना खिलाया। इसके बाद वह उसे एक बेहद सुनसान जगह पर ले गया।

पत्थर से हमला: वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने पहचान उजागर होने के डर से रमेश पर पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

सबूत मिटाने की शातिर कोशिश

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बड़ी चालाकी से सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने मृतक की एक्टिवा को घटनास्थल से दूर दूसरी जगह ले जाकर खड़ा कर दिया, गाड़ी की चाबी कहीं दूर फेंक दी और मृतक का मोबाइल फोन लूटकर मौके से फरार हो गया।

साइबर सेल और CDR की मदद से पकड़ा गया कातिल

ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बनी इस घटना को सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का बारीकी से विश्लेषण किया। इन तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आखिरकार आरोपी कमलेश तक पहुंच गई और उसे धर दबोचा।

मेडिकल टेस्ट ने उड़ाए होश: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

गिरफ्तारी के बाद जब कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी की मेडिकल जांच कराई गई, तो उसमें उसके एचआईवी (HIV) संक्रमित होने की पुष्टि हुई। आरोपी ने कुबूल किया कि वह जानबूझकर अलग-अलग इलाकों में जाकर लड़कों से संपर्क बढ़ाता था और उन्हें अपनी हवस और सनक का शिकार बनाता था ताकि वे भी संक्रमित हो जाएं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को इसकी लिखित जानकारी दी है।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड; अब संपर्क में आए लोगों की होगी जांच

पुलिस जांच में यह भी साफ हुआ है कि आरोपी कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी अन्य गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है।

अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन 50 से अधिक लोगों की पहचान करना है, जो पिछले कुछ वर्षों में इस सनकी आरोपी के संपर्क में आए थे। पुलिस ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर उन सभी संदिग्धों की तलाश कर उनकी काउंसलिंग की जाएगी और उनकी अनिवार्य स्वास्थ्य जांच (HIV टेस्ट) कराई जाएगी ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

वर्तमान स्थिति: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराएं) और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से माननीय न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया है। मामले की विस्तृत और गहन जांच अभी भी जारी है।