रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम 'किसान चौपाल-समृद्धि संवाद' में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। इस मंच से कृषि, किसान और ग्रामीण विकास पर केंद्रित अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार चुनाव के दौरान जनता से किए गए हर वादे (मोदी की गारंटी) को धरातल पर लगातार पूरा कर रही है। केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार छत्तीसगढ़ को विकास, सुशासन और पारदर्शिता की एक नई दिशा की ओर ले जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान, आवास और नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपनी सरकार की रणनीतियों को विस्तार से साझा किया।
किसानों को सौगात: 3100 रुपये में धान खरीदी और बकाया बोनस
कृषि प्रधान राज्य के अन्नदाताओं के लिए सरकार के कदमों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई बड़े एलान और उपलब्धियां साझा कीं:
सिंचाई का दायरा: राज्य में सिंचाई के रकबे में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होने जा रही है, जिसका सीधा लाभ 64 गांवों के किसानों को मिलेगा।
बकाया धान बोनस: चुनाव के समय किए गए वादे के मुताबिक, पूर्ववर्ती दो वर्षों का बकाया धान बोनस सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। इससे राज्य के करीब 13 लाख किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचा है।
धान की रिकॉर्ड कीमत: सरकार ने 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की रिकॉर्ड खरीद सुनिश्चित की है।
दलहन-तिलहन को सपोर्ट: आने वाले समय में दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों को भी फसल के दामों में अंतर की राशि (डिफरेंस अमाउंट) के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
आदिवासी कल्याण और महिलाओं को 'महतारी वंदन' का संबल
सरकार की सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा:
चरण पादुका योजना की वापसी: आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों के कल्याण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि पिछली सरकार द्वारा बंद की गई 'चरण पादुका योजना' को दोबारा बहाल कर दिया गया है। इसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल और अन्य जरूरी सामग्रियां दी जा रही हैं।
महतारी वंदन योजना: राज्य की विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 1,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं।
18 लाख पीएम आवास: सरकार गठन के तुरंत बाद कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख जरूरतमंद परिवारों के लिए 'प्रधानमंत्री आवास योजना' को मंजूरी दी गई, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: 'नियद नेल्लानार' योजना से विकास
सुरक्षा और बुनियादी ढांचा:
नक्सलवाद की चुनौती पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल-इंजन सरकार ने इस समस्या का डटकर मुकाबला किया है और राज्य में नक्सलवाद को हाशिए पर धकेल दिया है। सरकार अब प्रभावित क्षेत्रों में 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गांव) योजना चला रही है। इसके तहत सुरक्षा कैंपों के आस-पास के गांवों में केवल बंदूकें नहीं, बल्कि सड़कें, बिजली, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर पहुंचाई जा रही हैं।
31 जिलों का दौरा: जमीनी हकीकत जानने खुद निकले सीएम
मुख्यमंत्री ने 'सुशासन तिहार' का जिक्र करते हुए बताया कि वे केवल दफ्तरों में बैठकर नीतियां नहीं बना रहे हैं, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत और जनता का फीडबैक जानने के लिए राज्य के 33 में से 31 जिलों का तूफानी दौरा कर चुके हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी शासन देना है, ताकि विकास का लाभ समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बिचौलिये के पहुंच सके।





