नई दिल्ली, दिल्ली-एनसीआर की जीवनरेखा मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को होने वाली यात्रियों की भारी भीड़ और सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए डीएमआरसी ने 18 मई 2026 से हर सोमवार को 6 अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जो कुल 24 अतिरिक्त फेरे (ट्रेन यात्राएं) लगाएंगी।
इस विशेष रणनीति का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण, ऊर्जा की बचत और पीक आवर्स (व्यस्त समय) के दौरान यात्रियों को भीड़भाड़ से मुक्त, निर्बाध और आरामदायक सफर का अनुभव कराना है। डीएमआरसी प्रशासन यात्रियों की संख्या पर लगातार पैनी नजर रखेगा ताकि भविष्य में मांग बढ़ने पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
यात्रियों की सुविधा के लिए DMRC के विशेष इंतजाम
स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मेट्रो प्रशासन ने कई जमीनी बदलाव किए हैं:
कम होगा वेटिंग टाइम: फ्रिस्किंग प्वाइंट्स (जांच स्थलों) पर लगने वाली लंबी कतारों को छोटा करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
सुरक्षा और जांच पर जोर: स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही अतिरिक्त डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और बैगेज स्कैनर्स को सक्रिय किया जाएगा।
अतिरिक्त टिकट काउंटर: यात्रियों को टिकट या कार्ड रिचार्ज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर संचालित किए जाएंगे।
सुगम आवाजाही: व्यस्त समय के दौरान स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: दिल्ली-एनसीआर की धड़कन
दिल्ली मेट्रो का विस्तृत और आधुनिक नेटवर्क आज सिर्फ एक ट्रेन सेवा नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की परिवहन जीवनरेखा बन चुका है। यह नेटवर्क यात्रियों को निम्नलिखित प्रमुख केंद्रों के साथ सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करता है:
प्रमुख रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT)
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट टर्मिनल
नमो भारत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS)
नोएडा मेट्रो और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो
DMRC की अपील: मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे पर्यावरण को स्वच्छ रखने और सड़कों पर जाम से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें। इस नए कदम से सोमवार को दफ्तर और कॉलेज जाने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।





