नई दिल्ली | मुख्य संवाददाता राजधानी दिल्ली में इस बार होली के रंगों के बीच सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। दिल्ली की वर्तमान सरकार द्वारा होली को 'ड्राई डे' (शुष्क दिवस) की सूची से बाहर करने के फैसले ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। बुधवार, 4 मार्च को होली के अवसर पर दिल्ली में शराब की दुकानें खुली रहेंगी, जिस पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर चौतरफा हमला बोला है।

"नकली हिंदूवादी और फर्जी सनातनी": AAP का कड़ा प्रहार

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा को 'सत्ता की भूखी अनपढ़ जमात' करार देते हुए कहा कि जो पार्टी पहले शराब के नाम पर राजनीति करती थी, आज वही त्योहारों पर ठेके खुलवा रही है।

सौरभ भारद्वाज के मुख्य आरोप:

"भाजपा ने पहले शराब के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को बदनाम किया और झूठे मुकदमों में फंसाया, लेकिन अब खुद सत्ता में आते ही इनके 'असली संस्कार' सामने आ गए हैं।"

"छठ महापर्व और रविदास जयंती के बाद अब होली जैसे पवित्र त्योहार पर भी शराब की दुकानें खोलकर भाजपा ने साबित कर दिया है कि वे न तो सनातनी हैं और न ही देशभक्त।"

महिला सुरक्षा और CM रेखा गुप्ता पर सवाल

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सीधे निशाने पर लेते हुए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या शराब पीकर सड़कों पर होने वाली गुंडागर्दी और अश्लीलता से दिल्ली की बेटियों को बचाना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, "सिर्फ महिला कोटे के नाम पर एक अयोग्य व्यक्ति को सत्ता में बैठा दिया गया है, क्या अब उनसे सवाल भी न पूछा जाए?"

क्या बदला है इस बार?

दिल्ली के आबकारी कैलेंडर में होली पारंपरिक रूप से एक 'ड्राई डे' रहा है, जिस दिन शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध होता था।

नया आदेश: दिल्ली सरकार के ताजा आदेश के अनुसार, होली को ड्राई डे की लिस्ट से हटा दिया गया है।

असर: अब कल यानी 4 मार्च (बुधवार) को दिल्ली के सभी ठेके और शराब की दुकानें सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी।

सियासी पृष्ठभूमि

यह विवाद इसलिए भी गहरा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली की शराब नीति को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच कानूनी और राजनीतिक जंग जगजाहिर रही है। अब जब भाजपा समर्थित सरकार ने खुद होली पर शराब की बिक्री की अनुमति दी है, तो AAP इसे भाजपा के 'दोहरे मापदंड' के रूप में पेश कर रही है।