चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों में पहले से ही सलाखों के पीछे बंद भुल्लर के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज कर दी है। ईडी ने हालिया छापेमारी के दौरान भुल्लर और उनके सहयोगियों के 11 ठिकानों से 1.4 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है।
चंडीगढ़ से पटियाला तक हड़कंप
ईडी ने 27 अप्रैल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40 स्थित भुल्लर के आवास के साथ-साथ जालंधर, लुधियाना और पटियाला में भी छापेमारी की।
करीबियों पर भी गाज: इस कार्रवाई के दायरे में केवल भुल्लर ही नहीं, बल्कि उनके कुछ करीबी सहयोगी और प्रॉपर्टी डीलर भी रहे।
दस्तावेजों की बरामदगी: नकद राशि के साथ-साथ ईडी को बड़ी संख्या में 'आपत्तिजनक' दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे बेनामी संपत्तियों और अवैध लेनदेन के सुराग मिलने की संभावना है।
CBI की रेड में मिले थे 7.5 करोड़
उल्लेखनीय है कि पिछले साल जब सीबीआई (CBI) ने भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर पर छापा मारा था, तब वहां से 7.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद हुई थी। सीबीआई द्वारा दर्ज इसी भ्रष्टाचार के मामले को आधार बनाकर ईडी ने अब वित्तीय अनियमितताओं (Money Laundering) की जांच शुरू की है।
क्या था मुख्य मामला?
भुल्लर की गिरफ्तारी पिछले साल एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद हुई थी:
शिकायत: मंडी गोबिंदगढ़ के एक स्क्रैप कारोबारी आकाश बत्ता ने आरोप लगाया था कि भुल्लर और उनका बिचौलिया कृष्णु शारदा उन्हें एक झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे।
रिश्वत की मांग: आरोप था कि इस मामले को रफा-दफा करने के लिए 8 लाख रुपये की मांग की गई थी।
गिरफ्तारी: सीबीआई ने पहले बिचौलिए कृष्णु को पकड़ा और फिर उसकी निशानदेही पर डीआईजी भुल्लर को गिरफ्तार किया गया।
वर्तमान स्थिति: हरचरण सिंह भुल्लर और उनके सहयोगी कृष्णु शारदा वर्तमान में जेल में बंद हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई की चार्जशीट के बाद, अब ईडी की सक्रियता ने भुल्लर के लिए कानूनी घेरा और अधिक मजबूत कर दिया है। जानकारों का मानना है कि बरामद दस्तावेजों से आने वाले दिनों में पंजाब पुलिस के कुछ अन्य अधिकारियों और प्रॉपर्टी डीलरों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।





