कुरुक्षेत्र: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के बीच अब स्कूली स्तर पर भी फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुरुक्षेत्र में सीबीएसई (CBSE) 10वीं कक्षा की 'अंक सुधार' (Improovement) परीक्षा में किसी दूसरे छात्र की जगह फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का भंडाफोड़ हुआ है। हैरानी की बात यह है कि भविष्य से खिलवाड़ का यह पूरा सौदा महज 5,000 रुपये में तय किया गया था।

15 मई को कुरुक्षेत्र गुरुकुल परीक्षा केंद्र पर मुस्तैद स्टाफ की सूझबूझ से एक फर्जी महिला परीक्षार्थी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पुलिस ने इस मामले में परीक्षा दे रही युवती और इस पूरे रैकेट को संचालित करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कैसे बुना गया साजिश का ताना-बाना?

पुलिस प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे 10वीं की एक छात्रा का रिश्तेदार है। उसने अपनी रिश्तेदार की जगह गणित (Mathematics) की परीक्षा दिलवाने के लिए कैथल के सीवन निवासी विनोद कुमार नाम के शख्स से संपर्क किया था।

डील का गणित: दोनों के बीच 5,000 रुपये में सौदा पक्का हुआ और यह रकम डिजिटल माध्यम (UPI) के जरिए ट्रांसफर भी कर दी गई। इसके बाद मुख्य आरोपी विनोद कुमार ने परीक्षा देने के लिए कैथल की ही एक अन्य युवती को तैयार किया। विनोद ने उस युवती को इस काम के बदले 3,000 रुपये देने का वादा किया था।

कद-काठी ने खोला राज: परीक्षा हॉल में ऐसे पकड़ी गई 'मुन्नाभाई'

शुक्रवार को गुरुकुल परीक्षा केंद्र में बतौर सुपरिंटेंडेंट तैनात लेक्चरर नरेंद्र सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर मौजूद एक शिक्षक को परीक्षा दे रही युवती के हाव-भाव और उसकी कद-काठी (Physical Appearance) को देखकर शक हुआ। जब उसके दस्तावेजों और प्रवेश पत्र (Admit Card) की गहनता से जांच की गई, तो परतें खुलती चली गईं और साफ हो गया कि वह किसी दूसरी छात्रा की जगह परीक्षा में बैठी थी।

मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस

कार्रवाई का विवरणवर्तमान स्थिति
दर्ज मामलाथाना केयूके (KUK) में एफआईआर दर्ज
गिरफ्तारियांफर्जी परीक्षा देने वाली युवती और मुख्य आरोपी विनोद कुमार गिरफ्तार
अदालती कार्रवाईदोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेजा गया
अगला कदमसाजिश रचने वाले मुख्य 'मास्टरमाइंड' (रिश्तेदार) की सरगर्मी से तलाश

थर्ड गेट चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और इस साजिश को रचने वाले असली सूत्रधार (छात्रा के रिश्तेदार) को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर बोर्ड परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और समाज में गिरते नैतिक स्तर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।