गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस को शनिवार देर रात एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। खोड़ा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। मुठभेड़ के दौरान असद का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस को गच्चा देकर फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में नाकेबंदी कर दी गई है।

चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़, अस्पताल में तोड़ा दम

एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम शनिवार देर रात वसुंधरा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर असद अपने एक साथी के साथ आता हुआ दिखाई दिया।

पुलिस टीम ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक गोली असद को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। उसका साथी मौके से भाग निकला। पुलिस ने घायल असद को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्या था पूरा मामला?

यह सनसनीखेज वारदात बीते 28 मई को खोड़ा थाना क्षेत्र की नवनीत विहार कॉलोनी में हुई थी। 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद से ही इलाके में काफी तनाव और आक्रोश का माहौल था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

हत्या की वजह: नई बाइक का मामूली विवाद पुलिस जांच में सामने आया है कि इस खूनी संघर्ष की वजह बेहद मामूली थी। आरोपी असद ने हाल ही में एक नई मोटरसाइकिल खरीदी थी। मृतक सूर्या प्रताप चौहान ने उससे वह बाइक चलाने के लिए मांगी थी। असद द्वारा बाइक देने से मना करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। यह विवाद इतना बढ़ा कि असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर महज 17 साल के सूर्या पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

फरार साथी की तलाश में जुटी पुलिस

सूर्या चौहान की असमय मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने आरोपी असद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और मुठभेड़ के दौरान फरार हुए असद के साथी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।