नई दिल्ली | जागरण संवाददाता दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित घोटाले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा जांच एजेंसी और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध की गई तल्ख टिप्पणियों के साथ-साथ विभागीय जांच के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जांच एजेंसी के विरुद्ध 'कठोर टिप्पणियों' पर विराम
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की पीठ ने सीबीआई की दलीलों पर गौर किया। जांच एजेंसी का पक्ष रखते हुए अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा जांच अधिकारी और सीबीआई की कार्यप्रणाली पर की गई टिप्पणियां न केवल तीखी थीं, बल्कि मामले के वर्तमान चरण में पूरी तरह अनुचित भी थीं।
हाई कोर्ट ने इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए स्पष्ट किया कि:
जांच एजेंसी और संबंधित अधिकारी के खिलाफ की गई किसी भी नकारात्मक टिप्पणी के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाई जाती है।
ट्रायल कोर्ट द्वारा जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश को भी स्थगित कर दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री समेत अन्य आरोपितों से जवाब तलब
अदालत ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपितों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें याचिका पर अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 16 मार्च को होगी।
ED की कार्यवाही पर भी अहम निर्देश
एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से यह अनुरोध भी किया है कि जब तक सभी आरोपितों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ लंबित अपील याचिकाओं पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामले की कार्यवाही को स्थगित रखा जाए।
मुख्य बिंदु: > * ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों और विभागीय जांच के आदेश पर स्थगन।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को हाई कोर्ट का नोटिस।
अगली सुनवाई की तिथि: 16 मार्च।





