नई दिल्ली:
देश की दिग्गज एफएमसीजी (FMCG) कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) एक बार फिर नियामक जांच के घेरे में है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के तहत लिए गए 'नेस्ले लो-फैट डेयरी व्हाइटनर' का सैंपल सरकारी प्रयोगशाला की जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा है। खाद्य विश्लेषक (Food Analyst) की रिपोर्ट में इस प्रोडक्ट को "असुरक्षित" और "घटिया गुणवत्ता (Substandard)" की श्रेणी में रखा गया है।
दिल्ली के 5-स्टार होटल से लिया गया था सैंपल
जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नई दिल्ली स्थित 5-स्टार होटल 'द ललित' से नेस्ले इंडिया के लो-फैट डेयरी व्हाइटनर का सैंपल एकत्र कर लैब जांच के लिए भेजा था। लैब परीक्षण के बाद आई रिपोर्ट में पाया गया कि यह उत्पाद 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' (FSSA) के वैधानिक मापदंडों का उल्लंघन करता है।
विफलता की पुष्टि के बाद, FSSAI और संबंधित खाद्य सुरक्षा तंत्र ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है तथा संबंधित बैच/लॉट की बिक्री और वितरण की गहन समीक्षा शुरू कर दी है।
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FSSAI का आरोप बनाम नेस्ले इंडिया का तर्क
| विषय (Aspect) | FSSAI / लैब रिपोर्ट की जांच | नेस्ले इंडिया की सफाई/पक्ष |
| जांच निष्कर्ष | उत्पाद में निर्धारित एडिटिव सीमा से अधिक फॉस्फोरस पाया गया, जिससे यह असुरक्षित श्रेणी में आया। | लैब रिपोर्ट में 'कुल फॉस्फोरस' को दर्शाया गया है, जबकि दूध में 'नेचुरल फॉस्फोरस' प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। |
| मानकों का पालन | प्रोडक्ट FSS Act 2006 के तहत सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा। | कंपनी का दावा है कि एडेड फॉस्फोरस (Added Phosphorus) की मात्रा FSSR नियमों की तय सीमा के भीतर ही है। |
| सुरक्षा स्थिति | खाद्य सुरक्षा नियमों का विचलन। | प्रोडक्ट पूरी तरह से सुरक्षित है और सभी अनिवार्य खाद्य नियमों का पालन करता है। |
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ब्रांड इमेज और कंज्यूमर सेंटीमेंट पर असर
डेयरी व्हाइटनर का इस्तेमाल देश भर के घरों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चाय व कॉफी के लिए व्यापक स्तर पर किया जाता है। इतने लोकप्रिय ब्रांड का सैंपल फेल होने से प्रोसेस्ड डेयरी प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता और कंपनियों के इंटरनल सेफ्टी प्रोटोकॉल पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के प्रोसेस्ड फूड मार्केट में मजबूत पैठ रखने वाली नेस्ले इंडिया के लिए यह घटनाक्रम ब्रांड इमेज और उपभोक्ता भरोसे के लिहाज से काफी संवेदनशील है। इस खबर के बाद शेयर बाजार में भी निवेशकों की नज़रें कंपनी द्वारा दी जाने वाली औपचारिक और कानूनी प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई हैं।
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