कोडरमा (झारखंड):
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत कोडरमा जिला एक नया कीर्तिमान रचने की ओर अग्रसर है। जिले को झारखंड का पहला 'ओडीएफ प्लस' (ODF Plus) जिला घोषित करने की दिशा में प्रशासनिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वर्तमान में जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य का 71 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है, जबकि शेष 29 प्रतिशत कार्य अगस्त माह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने ली समीक्षा बैठक
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक रंजीता हेंब्रम और संयुक्त सचिव शशिन्द्र बड़ाइक ने शुक्रवार को उरवां स्थित निरीक्षण भवन में विभागीय अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और जल सहियाओं के साथ समीक्षा बैठक की।
निदेशक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर स्वच्छता तथा ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग आपस में बेहतर समन्वय बनाएं। उन्होंने ग्रामीणों को व्यक्तिगत शौचालयों के नियमित उपयोग और अब तक वंचित परिवारों को निर्माण के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।
दिसंबर 2026 तक की समय-सीमा, कोडरमा बनेगा 'मॉडल जिला'
पत्रकारों से बातचीत करते हुए निदेशक रंजीता हेंब्रम ने कहा:
"ओडीएफ प्लस के कार्यों में कोडरमा पूरे राज्य में अग्रणी है। इसे झारखंड का पहला ओडीएफ प्लस जिला बनाकर एक 'मॉडल जिला' के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि अन्य जिले भी इसका अनुसरण कर सकें। मिशन की अंतिम समय-सीमा दिसंबर 2026 निर्धारित है, इसलिए सभी कार्यों को समय पर पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
क्या होता है 'ओडीएफ प्लस' गांव?
ओडीएफ प्लस (ODF Plus) का दर्जा उन गांवों को दिया जाता है जो न केवल खुले में शौच से मुक्त (ODF) की स्थिति को बनाए रखते हैं, बल्कि ठोस और तरल अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन भी करते हैं।
ऐसे गांवों में:
सार्वजनिक स्थानों पर गंदा पानी, कूड़ा या प्लास्टिक कचरा दिखाई नहीं देता।
जल निकासी और कचरा संग्रहण की समुचित प्रणाली होती है।
सभी घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालयों का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।





