पणजी/मापुसा: गोवा के प्रसिद्ध नाइट क्लब 'बिर्च बाय रोमियो लेन' (Birch by Romeo Lane) में हुए भीषण अग्निकांड मामले में मापुसा स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लुथरा की जमानत याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।

अदालत का फैसला

गुरुवार को खुली अदालत में सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश अपूर्वा नागवेंकर ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले की भयावहता और 25 मासूम जिंदगियों के नुकसान को देखते हुए लुथरा भाइयों को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। अब दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।

दिसंबर की वह काली रात

यह मामला पिछले साल 6 और 7 दिसंबर की दरमियानी रात का है, जब उत्तरी गोवा के अंजुना स्थित इस आलीशान नाइट क्लब में अचानक आग लग गई थी।

त्रासदी: इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी।

लापरवाही: शुरुआती जांच में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और फायर प्रोटोकॉल के उल्लंघन की बात सामने आई थी।

क्यों अहम है यह फैसला?

लुथरा भाइयों ने अपनी याचिका में जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। दलील दी गई कि इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों के लिए सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही जिम्मेदार है। जमानत खारिज होने से अब पुलिस को मामले की गहराई से जांच करने और अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

पर्यटन और सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने गोवा के पर्यटन उद्योग में सुरक्षा मानकों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। 'बिर्च बाय रोमियो लेन' जैसे बड़े क्लबों में फायर एनओसी (Fire NOC) और इमरजेंसी एग्जिट जैसे नियमों की अनदेखी पर प्रशासन अब काफी सख्त नजर आ रहा है।