नई दिल्ली: देश में रसोई गैस (LPG) की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों और जमाखोरी की कोशिशों के बीच केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का अनुचित लाभ उठाने वाले भ्रष्ट वितरकों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

एक्शन में प्रशासन: 141 एजेंसियों पर गिरी गाज

इंडियन ऑयल (IOCL) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोशल मीडिया और ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर गठित विशेष टीमों ने अब तक 7,500 से अधिक औचक निरीक्षण किए हैं।

दंडात्मक कार्रवाई: अनियमितता पाए जाने पर 141 गैस एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिनमें से 5 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

राष्ट्रव्यापी छापेमारी: राज्य सरकारों के समन्वय से अब तक देशभर में लगभग 68,000 छापे मारे जा चुके हैं। इस दौरान 855 FIR दर्ज की गई हैं और 48,000 से अधिक अवैध सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

आपूर्ति पूरी तरह स्थिर: प्रतिदिन 28 लाख सिलेंडर की डिलीवरी

इंडियन ऑयल ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बावजूद घरेलू LPG की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।

"वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 28 लाख सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। यह संख्या सामान्य दिनों के आपूर्ति स्तर के बिल्कुल बराबर है। वैश्विक संकट का असर घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।" — इंडियन ऑयल

तकनीक से थमेगी चोरी: डिजिटल बुकिंग और OTP अनिवार्य

वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और गैस की चोरी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने तकनीकी सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है:

डिजिटल माध्यम: वर्तमान में लगभग 87% बुकिंग SMS और IVRS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही है।

सुरक्षित डिलीवरी: सिलेंडर केवल सही ग्राहक तक पहुँचे, इसके लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC OTP) अनिवार्य कर दिया गया है। बिना OTP सत्यापन के डिलीवरी संभव नहीं होगी।

ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह: पैनिक बुकिंग से बचें

तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही निराधार अफवाहों पर ध्यान न दें।

पैनिक बुकिंग न करें: घरों में अतिरिक्त स्टॉक जमा करने या एजेंसियों के बाहर भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है।

यहाँ करें शिकायत: यदि कोई एजेंसी कालाबाजारी करती है या आपूर्ति में आनाकानी करती है, तो ग्राहक सीधे indanecareho@indianoil.in पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

निष्कर्ष: सरकार के इस सख्त कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि संकट के समय में आम जनता के अधिकारों का हनन करने वाले बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी।