पंचकूला: हरियाणा की कनेक्टिविटी और औद्योगिक रफ्तार को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने राज्य में यातायात सुगमता और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, रिठाला-कुंडली मेट्रो और नमो भारत आरआरटीएस जैसी महा-परियोजनाओं के बजट और डीपीआर (DPR) को हरी झंडी दे दी है।

1. हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC): अब ₹11,709 करोड़ का होगा निवेश

औद्योगिक हब को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत को संशोधित कर अब 11,709 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है।

फायदा: यह कॉरिडोर सीधे तौर पर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे लॉजिस्टिक्स हब को रेल संपर्क से जोड़ेगा।

विकास: एनसीआर क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित होंगी और माल ढुलाई के समय में भारी कमी आएगी।

2. रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो: दिल्ली से हरियाणा का जुड़ाव होगा और गहरा

मंत्रिमंडल ने मेट्रो विस्तार के चौथे चरण के तहत संशोधित डीपीआर को मंजूरी दी है।

विस्तार: नरेला से कुंडली तक 2.726 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जाएगी।

स्टेशन: हरियाणा के हिस्से में कुंडली और नाथूपुर में दो भव्य एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे।

लागत: इस प्रोजेक्ट पर 545.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें हरियाणा सरकार 448.48 करोड़ रुपये का वहन करेगी।

3. दिल्ली-पानीपत-करनाल 'नमो भारत' (RRTS): हाई-स्पीड सफर का सपना सच

क्षेत्रीय त्वरित पारगमन प्रणाली (RRTS) के तहत दिल्ली से करनाल तक 136.30 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को स्वीकृति मिल गई है।

लागत: इस विशाल परियोजना की कुल अनुमानित लागत 33,051.15 करोड़ रुपये है।

नेटवर्क: हरियाणा में इसके 11 स्टेशन होंगे। भविष्य में इस कॉरिडोर को करनाल से आगे कुरुक्षेत्र और साहा होते हुए पंचकूला तक विस्तार देने की भी योजना है।

प्रबंधन: नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रशासनिक सचिव को इस प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रमुख बिंदुओं पर एक नजर

परियोजनाकुल लंबाईअनुमानित लागतमुख्य लाभ
ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर-₹11,709 करोड़औद्योगिक हब (मानेसर, सोहना) को सीधा रेल लिंक
मेट्रो विस्तार2.726 किमी₹545.77 करोड़कुंडली-नाथूपुर से दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी
नमो भारत (RRTS)136.30 किमी₹33,051 करोड़दिल्ली-पानीपत-करनाल के बीच हाई-स्पीड सफर

"इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से हरियाणा न केवल उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनेगा, बल्कि आम जनता को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं भी मिलेंगी। यह 'विकसित हरियाणा' की दिशा में एक बड़ा कदम है।" — नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा