भिवानी/हरियाणा: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसमें प्रदेश की प्रतिभाओं ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। इस वर्ष का परिणाम न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी भी बयां कर रहा है।

ड्राइवर की बेटी ने छुआ आसमान

तोशाम क्षेत्र के छोटे से गांव मिरान की रहने वाली दीपिका ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। दीपिका की यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उनके पिता, राज कुमार, उसी 'आदर्श स्कूल' में बस ड्राइवर हैं जहाँ दीपिका और उसकी तीन बहनें पढ़ती हैं।

अपनी सफलता का श्रेय दीपिका ने अपनी बड़ी बहन और माता-पिता को दिया है। दीपिका ने बताया:

"मम्मी मुझे घर का काम नहीं करने देती थीं ताकि मैं पढ़ाई पर ध्यान दे सकूं। मेरी बड़ी बहन, जिसने खुद इस साल 97% अंक हासिल किए हैं, मेरी सबसे बड़ी मार्गदर्शक रही।"

स्कोर कार्ड: कहाँ चमकी दीपिका?

दीपिका ने अपनी तैयारी के लिए टेक्स्ट बुक और मॉडल पेपर्स पर भरोसा किया और रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई की। उनके अंक कुछ इस प्रकार हैं:

100/100: सोशल साइंस, गणित, संस्कृत और सीपीयू।

99/100: अंग्रेजी।

टॉपर्स की सूची में कड़ी टक्कर

इस वर्ष का मुकाबला बेहद कड़ा रहा। जहाँ दीपिका पहले स्थान पर रहीं, वहीं 498 अंकों के साथ चार विद्यार्थियों— रोनक, खुशी, अंतु और दीपांशु ने प्रदेश में दूसरा स्थान साझा किया। तीसरे स्थान पर कब्ज़ा करने वाले छात्रों की संख्या 16 रही, जो राज्य में शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।

एक नज़र आंकड़ों पर (HBSE 10th Result 2026)

बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इस वर्ष नियमित परीक्षार्थियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

विवरणसांख्यिकी
कुल पास प्रतिशत (नियमित)89.60%
स्वयंपाठी पास प्रतिशत70.02%
कुल परीक्षार्थी (नियमित)2,76,640
कुल उत्तीर्ण छात्र2,47,860
एसेंशियल रिपीट6,201

बधाइयों का तांता:

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने व्यक्तिगत रूप से दीपिका को फोन कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दीपिका की यह उपलब्धि हरियाणा की लाखों बेटियों के लिए एक मिसाल बन गई है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों में भी सफलता के शिखर को छुआ जा सकता है।