तुरा/शिलॉन्ग। मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले में गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) चुनावों को लेकर उपजा विवाद अब एक गंभीर कानून-व्यवस्था के संकट में बदल गया है। मंगलवार तड़के पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर है, जिसके चलते प्रशासन ने सेना को फ्लैग मार्च के लिए बुलाया है।

विवाद की जड़: गैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी

10 अप्रैल को होने वाले GHADC चुनावों में गैर-आदिवासी उम्मीदवारों की भागीदारी को लेकर क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते से विरोध प्रदर्शन जारी है। परिषद द्वारा उम्मीदवारों से अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र मांगे जाने के फैसले ने क्षेत्र को दो गुटों में बांट दिया है, जिससे समर्थन और विरोध की लहरें तेज हो गई हैं।

कैसे बिगड़े हालात?

पूर्व विधायक पर हमला: तनाव तब और बढ़ गया जब तुरा में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने पूर्व फूलबाड़ी विधायक इस्मतुर मोमिनिन को नामांकन दाखिल करने से रोकने की कोशिश की और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें रेस्क्यू किया।

हिंसा और तोड़फोड़: सोमवार को चिनिनॉन्ग में दुकानों में तोड़फोड़ की गई। मंगलवार तड़के जब सुरक्षाबलों ने कर्फ्यू के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई और पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें दो लोगों की जान चली गई।

प्रशासनिक कदम: सेना की तैनाती और कर्फ्यू

मौजूदा स्थिति को देखते हुए पश्चिम गारो हिल्स के जिला मजिस्ट्रेट विभोर अग्रवाल ने कड़े कदम उठाए हैं:

सेना का फ्लैग मार्च: जिला मजिस्ट्रेट ने 101 एरिया, ईस्टर्न कमांड के कमांडिंग ऑफिसर को पत्र लिखकर मैदानी इलाकों में सेना के फ्लैग मार्च की मांग की है ताकि जनता में विश्वास बहाली हो सके।

24 घंटे का पूर्ण कर्फ्यू: प्रभावित इलाकों में रात के कर्फ्यू को बढ़ाकर 24 घंटे का पूर्ण कर्फ्यू कर दिया गया है।

अतिरिक्त बल की तैनाती: संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

"सशस्त्र बलों की उपस्थिति जनता को आश्वस्त करने, किसी भी अन्य अप्रिय घटना को रोकने और निवासियों के बीच विश्वास बहाल करने में मदद करेगी।" — विभोर अग्रवाल, जिला मजिस्ट्रेट

चुनाव पर संकट के बादल

अगले महीने होने वाले चुनावों से पहले हुई इस हिंसा ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन फिलहाल स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है, लेकिन मैदानी इलाकों (Plains Belt) में फैली अशांति ने शांतिपूर्ण मतदान के आयोजन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

मुख्य बिंदु:

घटनास्थल: पश्चिम गारो हिल्स, मेघालय।

कारण: GHADC चुनाव में गैर-आदिवासी उम्मीदवारों का विरोध।

हताहत: पुलिस फायरिंग में 2 मौतें।

वर्तमान स्थिति: 24 घंटे का कर्फ्यू और सेना की मांग।