अमेठी: रंगों और उमंग का पर्व होली इस बार अमेठी जिले के कई परिवारों के लिए गहरा दुख और मातम लेकर आया। जहाँ पूरा देश गुलाल और खुशियों में डूबा था, वहीं अमेठी के अलग-अलग क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों, करंट लगने और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों ने सात घरों के चिराग बुझा दिए। इन घटनाओं में 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।

रफ्तार का कहर: सड़क हादसों ने लीं चार जानें

जिले के विभिन्न राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाही ने कई जिंदगियां छीन लीं:

कमरौली: लखनऊ–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गढ़ा मोड़ के पास एक अनियंत्रित डीसीएम ने साइकिल सवार दंपती को टक्कर मार दी। इस हादसे में 55 वर्षीय अनवरी बानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति मोहम्मद वसीम गंभीर रूप से घायल हैं।

इन्हौना: कैथागांव के 60 वर्षीय राज बहादुर को एक अनियंत्रित कार ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी जान चली गई।

बाजार शुकुल: होली खेलने जा रहे 18 वर्षीय युवक शिव ओम की साइकिल और बाइक की भिड़ंत में दर्दनाक मौत हो गई।

मुसाफिरखाना: लालगंज चौराहे के पास सुनील कुमार वर्मा (30) का शव झाड़ियों में मिला। पुलिस के अनुसार, उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिर गई थी।

करंट और डूबने से हुई त्रासदी

किसान की मौत: मुंशीगंज के सेवई हेमगढ़ में खेत से लौट रहे 65 वर्षीय किसान घेराऊ प्रजापति बिजली के टूटे तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

नदी में डूबा युवक: बाजार शुकुल के किशनी गांव में होली खेलने के बाद गोमती नदी में नहाने गए 23 वर्षीय पवन कुमार गुप्ता गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय गोताखोर अभी भी उनकी तलाश कर रहे हैं।

संदिग्ध परिस्थितियों में मौतें

पीपरपुर: सवनगी गांव में 27 वर्षीय करिश्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में अपने मायके के कमरे में फंदे से लटका मिला।

कमरौली: बरसंडा के पट्टी गांव में हनुमान गौतम (35) की जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

मेले में मारपीट और अन्य हादसों में 11 घायल

खुशियों के माहौल के बीच मुसाफिरखाना क्षेत्र में मेले के दौरान हुई मारपीट और भगदड़ में 8 लोग घायल हो गए। वहीं, गौरीगंज क्षेत्र में हुए अन्य हादसों में 3 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज चल रहा है।

पुलिस का बयान: प्रशासन ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाओं के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फरार वाहन चालकों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं।

इन हृदयविदारक घटनाओं ने जिले में शोक की लहर दौड़ा दी है। कहीं मां की ममता छिन गई, तो कहीं घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य चला गया। रंगों के इस त्योहार पर सुरक्षा और सावधानी की कमी ने कई परिवारों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है।