मुर्शिदाबाद | 4 मई, 2026 पश्चिम बंगाल की राजनीति में जहाँ एक तरफ बीजेपी और टीएमसी के बीच बड़ी जंग चल रही है, वहीं मुर्शिदाबाद जिले में एक क्षेत्रीय शक्ति उभरती दिख रही है। पूर्व टीएमसी नेता और अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने जिले की दो अहम सीटों पर बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है।

दो सीटों पर कबीर का दबदबा: आंकड़ों की जुबानी

हुमायूं कबीर इस चुनाव में दो सीटों—रेजीनगर और नौदा—से ताल ठोक रहे हैं और शुरुआती रुझानों में वे दोनों ही जगह अपने प्रतिद्वंदियों से काफी आगे निकल चुके हैं।

रेजीनगर सीट: यहाँ हुमायूं कबीर को अब तक 36,000 वोट मिले हैं और वे 20,000 मतों की भारी बढ़त के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं।

नौदा सीट: यहाँ भी कबीर का जादू चलता दिख रहा है। अब तक उन्हें 32,000 वोट मिल चुके हैं और वे लगभग 10,000 वोटों से आगे चल रहे हैं।

दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला

नौदा सीट पर मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल है, जहाँ चार चर्चित चेहरे आमने-सामने हैं:

हुमायूं कबीर (AJUP) - वर्तमान में बढ़त पर।

साहिना मोमताज खान (TMC)

राणा मंडर (BJP)

मातिउर रहमान (INC)

क्या 'किंगमेकर' बनेंगे हुमायूं कबीर?

हुमायूं कबीर अपनी तीखी बयानबाजी और बाबरी मस्जिद निर्माण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर दिए गए बयानों के कारण लगातार सुर्खियों में रहे हैं। टीएमसी से अलग होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी AUJP से कुल 22 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।

लक्ष्य: कबीर को उम्मीद है कि उनकी पार्टी कम से कम 5 से 8 सीटें जीतने में कामयाब रहेगी। यदि ऐसा होता है, तो त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है।

रिकॉर्ड तोड़ मतदान और नतीजों का इंतजार

बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों (जिनमें से 293 पर मतदान हुआ) के लिए दो चरणों—23 अप्रैल और 29 अप्रैल—को वोट डाले गए थे। इस बार राज्य में ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है:

पहला चरण (152 सीटें): 93.19% मतदान।

दूसरा चरण (141 सीटें): 92.90% मतदान।

क्या हुमायूं कबीर अपनी नई राजनीतिक जमीन को मजबूत कर पाएंगे या टीएमसी-बीजेपी की लहर में उनकी पार्टी सिमट जाएगी? मुर्शिदाबाद के इन नतीजों पर पूरे बंगाल की नजर बनी हुई है।