भोपाल (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खबर है। एलपीजी कंपनियों ने आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) कराने के लिए उपभोक्ताओं को एसएमएस (SMS) भेजना शुरू कर दिया है। यदि उपभोक्ता 16 अगस्त तक अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें रियायती/घरेलू दर पर सिलेंडर प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
22 प्रतिशत से अधिक सत्यापन अभी बाकी
आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में कुल 1.73 करोड़ सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ताओं में से लगभग 39.84 लाख (22.21%) उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक सत्यापन होना अभी शेष है। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहाँ के 7.55 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 1.94 लाख लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।
कमर्शियल दरों का मंडरा रहा खतरा
गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक, समय सीमा के भीतर सत्यापन न कराने की स्थिति में उपभोक्ताओं को घरेलू दर के बजाय गैर-घरेलू (कमर्शियल) दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है।
वर्तमान दरें: 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर ₹947.50 में मिलता है, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,935 है।
ई-केवाईसी कराने के 3 आसान तरीके
उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दिए गए तीन तरीकों में से किसी भी एक के जरिए ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं:
ऑनलाइन (Indian Oil ONE ऐप): उपभोक्ता घर बैठे संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक/फेस सत्यापन कर सकते हैं।
गैस एजेंसी जाकर: अपने आधार कार्ड और गैस कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों के साथ नजदीकी गैस एजेंसी जाकर सत्यापन कराएं।
डिलीवरी मैन के जरिए: सिलेंडर की डिलीवरी के समय आने वाले अधिकृत कर्मचारी की डिवाइस से भी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराई जा सकती है।





