इंदौर।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भविष्य और विकास को लेकर तीन जुलाई को होने वाला बहुप्रतीक्षित विशेष संवाद कार्यक्रम ऐन वक्त पर स्थगित कर दिया गया है। आधिकारिक तौर पर इस कार्यक्रम के टलने की मुख्य वजह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अत्यधिक व्यस्तता को बताया जा रहा है। हालांकि, सियासी गलियारों में इस स्थगन को पिछले दिनों नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए एक विवादित पत्र (लेटर कांड) से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम टलने के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार पर जुबानी हमले शुरू कर दिए हैं।
भव्य तैयारी के बीच अचानक टला आयोजन
सांसद शंकर लालवानी की पहल पर 'उम्मीदों का शहर इंदौर' थीम के तहत इस विशेष संवाद का ताना-बाना बुना गया था।
हो चुकी थीं पूरी तैयारियां: इस वीआईपी आयोजन के लिए शहर का प्रतिष्ठित 'ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर' बुक किया जा चुका था।
बांटे जा चुके थे आमंत्रण पत्र: शहर के तमाम गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों और उद्योगपतियों को निमंत्रण पत्र भी वितरित कर दिए गए थे।
सांसद का बयान: सांसद शंकर लालवानी ने कार्यक्रम स्थगित होने की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल यह आयोजन टाल दिया गया है और मुख्यमंत्री की उपलब्धता के आधार पर जल्द ही नई तिथि की घोषणा की जाएगी।
क्या था कैलाश विजयवर्गीय का वो 'विवादित पत्र'?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्यक्रम की अचानक घोषणा और फिर इसका टलना, दोनों ही बातें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की नाराजगी से जुड़ी हैं। दरअसल, 20 जून को कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक बेहद तीखी चिट्ठी लिखी थी, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था।
पत्र के मुख्य अंश और आपत्तियां:
ढाई साल की उपेक्षा: मंत्री ने लिखा कि वह पिछले ढाई साल से इंदौर के साथ हो रही उपेक्षा और परियोजनाओं में हो रही देरी से बेहद आहत हैं। इस दौरान शहर को केवल असहयोग ही मिला है।
मजबूरी में उठाना होगा कदम: उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि यदि इंदौर की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो सार्वजनिक मंचों पर इस आवाज को उठाना उनकी विवशता बन जाएगी।
विकास कार्यों पर सवाल: पत्र में विशेष रूप से इंदौर के मास्टर प्लान में देरी, इंदौर एयरपोर्ट विस्तार की कछुआ चाल और पीथमपुर के बजाय विक्रमपुरी (उज्जैन) में नए औद्योगिक सेंटर खोले जाने पर गंभीर आपत्ति जताई गई थी।
इंदौर के विकास को लेकर उठे मुख्य मुद्दे
| प्रमुख मुद्दा | विवाद या चिंता की वजह |
|---|---|
| मास्टर प्लान (Master Plan) | तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी इंदौर के नए मास्टर प्लान को मंजूरी नहीं मिल सकी है। |
| एयरपोर्ट का विस्तार | इंटरनेशनल कनेक्टिविटी और कार्गो हब के लिए एयरपोर्ट विस्तार की कवायद लंबे समय से ठप पड़ी है। |
| औद्योगिक केंद्र का ट्रांसफर | नए निवेश और सेंटर्स को इंदौर के पास पीथमपुर के बजाय उज्जैन संभाग के विक्रमपुरी में शिफ्ट किए जाने से नाराजगी है। |
विजयवर्गीय के इस पत्र के सामने आने के तुरंत बाद इस संवाद कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी ताकि डैमेज कंट्रोल किया जा सके, लेकिन ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री का न आना अब कई नए सियासी कयासों को जन्म दे रहा है।





