रायपुर/नई दिल्ली:
माओवाद प्रभावित बस्तर के साहसी युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय सेना में 'बस्तर रेजिमेंट' के गठन की पहल की गई है। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा इस संबंध में भेजे गए पत्र पर रक्षा मंत्रालय से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
रक्षा मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने 26 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर 'बस्तर रेजिमेंट' गठित करने का अनुरोध किया था। इस पत्र के जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सूचित किया है कि प्राप्त प्रस्ताव पर जांच और आवश्यक विचार की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बात की पुष्टि करते हुए रक्षा मंत्रालय के इस कदम को बेहद उत्साहजनक बताया है।
स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर: सीएम विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यदि बस्तर रेजिमेंट का गठन होता है, तो इससे बस्तर और आसपास के क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होने के बेहतर और प्रत्यक्ष अवसर मिलेंगे। यह पहल क्षेत्र में रोजगार के नए रास्ते खोलेगी और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी।
गोरिल्ला युद्ध में निपुण हैं बस्तर के जवान: विजय शर्मा गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर के युवाओं के अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा, "बस्तर के जवानों ने विषम परिस्थितियों में माओवादियों का मुकाबला करते हुए हमेशा अद्भुत वीरता का परिचय दिया है। वे बस्तर के दुर्गम और घने जंगलों में गोरिल्ला युद्ध शैली में स्वाभाविक रूप से अभ्यस्त हैं। भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट का गठन राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक स्थिरता की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगा।"





