राँची झारखंड के 48 नगर निकायों में आज लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। लंबे अंतराल के बाद हो रहे इन चुनावों में मतदाता अपनी स्थानीय सरकार चुनने के लिए सुबह 7 बजे से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा, जिसके नतीजे 27 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
मतदान का गणित: एक नजर में
राज्य के 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में हो रहे इस चुनाव की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
कुल मतदाता: 43 लाख से अधिक।
कुल उम्मीदवार: 6,124 (मैदान में 2,962 महिला प्रत्याशी अपनी ताकत दिखा रही हैं)।
मतदान केंद्र: 4,307 (जिनमें से 896 अतिसंवेदनशील और 2,445 संवेदनशील घोषित हैं)।
वोटिंग का तरीका: गैर-दलीय आधार पर बैलट पेपर (मतपत्र) के जरिए मतदान।
रंगीन बैलेट पेपर और सुरक्षा के इंतजाम
भ्रम की स्थिति से बचने के लिए चुनाव आयोग ने अलग-अलग रंगों के मतपत्रों का उपयोग किया है:
गुलाबी बैलेट पेपर: मेयर/महापौर और अध्यक्ष पद के लिए।
सफेद बैलेट पेपर: वार्ड पार्षद और सदस्यों के लिए।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी बूथों पर पुरुष और महिला जवानों की तैनाती की गई है। संवेदनशील केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर व पेयजल की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
वोटर कार्ड नहीं, तो भी दे सकेंगे वोट
यदि किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, तो वे निम्नलिखित वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए मतदान कर सकते हैं:
आधार कार्ड, पैन कार्ड, या ड्राइविंग लाइसेंस।
पासपोर्ट या मनरेगा जॉब कार्ड।
पेंशन दस्तावेज (फोटो युक्त) या श्रम मंत्रालय का स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड।
पुराने रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद
वर्ष 2018 के चुनावों में अलग-अलग क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत उत्साहजनक रहा था (जैसे लोहरदगा में 71.96% और बासुकीनाथ में 76.6%)। इस बार मतदाताओं में दिख रहे भारी उत्साह को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पिछले सभी रिकॉर्ड टूट सकते हैं। राजधानी राँची में मेयर पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है, जहाँ 10 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।





