जमशेदपुर:
पूर्वी सिंहभूम जिले के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में हाल ही में हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड और शहर में लगातार बढ़ते अपराध के ग्राफ के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के आह्वान पर बुलाए गए 'जमशेदपुर बंद' का व्यापक और अभूतपूर्व असर देखने को मिला। विपक्ष और स्थानीय व्यापारिक संगठनों के इस संयुक्त विरोध के चलते लौहनगरी के प्रमुख बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद रहे। वहीं, पड़ोसी जिले सरायकेला के आदित्यपुर में बंद के दौरान सड़क जाम कर रहे कई दिग्गजों सहित करीब 40 नेताओं व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
थम गई शहर की रफ्तार, लाइफलाइन 'मिनी बसें' रहीं ठप
बंद समर्थकों ने सुबह से ही सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से व्यापारियों से बंद को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की। इसके चलते शहर की आर्थिक और सामाजिक रफ्तार पर गहरा असर पड़ा:
बाजारों में सन्नाटा: जमशेदपुर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों जैसे साकची, गोलमुरी, बर्मामाइंस, टेल्को, टिनप्लेट, सिदगोड़ा और बारीडीह सहित कई प्रमुख इलाकों में सुबह से ही दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
यात्री परेशान: बंद का सबसे बड़ा असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ा। जमशेदपुर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिनी बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। सड़कों पर इक्का-दुक्का ऑटो ही चलते दिखाई दिए, जिससे दैनिक यात्रियों, कामकाजी लोगों और छात्रों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर मार्च किया और राज्य सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने मांग की कि हिमांशु सिंह के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए और शहर में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
आदित्यपुर में पुलिसिया कार्रवाई: मेयर और विहिप अध्यक्ष हिरासत में
जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर क्षेत्र में भी बंद का मिला-जुला और असरदार प्रभाव देखा गया। यहाँ सुबह से ही भाजपा और समर्थित हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
बड़ी कार्रवाई: जब प्रदर्शनकारी आदित्यपुर टोल ब्रिज के समीप पहुंचे और यातायात को पूरी तरह बाधित करने का प्रयास किया, तो आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार के नेतृत्व में मुस्तैद पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने यातायात सुचारू कराने के लिए आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिला अध्यक्ष डॉ. जे.एन. दास समेत करीब 40 नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, प्रशासन रहा अलर्ट
बंद के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, तोड़फोड़ या सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जमशेदपुर और आदित्यपुर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Force) की तैनाती की गई थी। पुलिस के आला अधिकारी खुद लगातार गश्त (Patrolling) कर स्थिति की निगरानी करते रहे, जिसके चलते बंद कुल मिलाकर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
निष्कर्ष:
हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में हुआ यह व्यापक बंद साफ संकेत देता है कि इलाके में बढ़ते अपराध को लेकर जनता के बीच भारी असंतोष है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस दबाव के बाद अपराधियों पर कितनी जल्दी और कितनी सख्त नकेल कस पाता है।





