तिरुवनंतपुरम | 4 मई, 2026 केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए आज सुबह से जारी मतगणना ने राज्य की धड़कनें तेज कर दी हैं। 9 अप्रैल को हुए मतदान के बाद आज जब मतपेटियां खुलीं, तो शुरुआती रुझानों ने 'गॉड-ओन-कंट्री' की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। क्या पिनाराई विजयन की सरकार 'सत्ता वापसी' का अपना रिकॉर्ड बरकरार रखेगी या केरल फिर से अपने पुराने 'सत्ता परिवर्तन' के रिवाज को अपनाएगा?
शुरुआती रुझान: कांग्रेस गठबंधन (UDF) ने मारी बाजी
सुबह 10:00 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) बहुमत के जादुई आंकड़े की ओर बढ़ता दिख रहा है। डाक मतपत्रों की गिनती के बाद अब मशीनों से रुझान सामने आने लगे हैं।
UDF: 78-85 सीटें (बढ़त)
LDF: 52-58 सीटें
NDA: 02-05 सीटें
दिग्गजों के बयान: जीत का दावा और भ्रष्टाचार पर प्रहार
जैसे-जैसे रुझान सामने आ रहे हैं, राजनीतिक गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है:
शशि थरूर (कांग्रेस): "हमें उम्मीद है कि राज्य की जनता ने बदलाव और विकास के लिए वोट दिया है। निवेश और युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देना हमारी पहली जिम्मेदारी होगी।"
एम.वी. गोविंदन (CPM सचिव): "शुरुआती रुझानों से हम विचलित नहीं हैं। हमें विश्वास है कि एलडीएफ भारी बहुमत से दोबारा सत्ता में आएगी। मैं अगले तीन दिनों तक यहीं सेंटर पर नजर रखूंगा।"
राजीव चंद्रशेखर (भाजपा अध्यक्ष): "हम दोपहर तक का इंतजार करेंगे। केरल की जनता ने भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति को नकारा है। भाजपा एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी।"
प्रमुख चुनावी मुद्दे जिन्होंने बदला माहौल
इस बार का चुनाव केवल पार्टियों की लड़ाई नहीं, बल्कि इन बड़े मुद्दों पर टिका था:
सत्ता परिवर्तन का रिवाज: केरल में परंपरागत रूप से हर पांच साल में सरकार बदलती है। 2021 में LDF ने इसे तोड़ा था, लेकिन 2026 के रुझान फिर पुराने पैटर्न की ओर इशारा कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार बनाम विकास: विपक्ष ने भ्रष्टाचार और वित्तीय संकट को मुद्दा बनाया, जबकि सत्तारूढ़ दल ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं पर दांव लगाया।
युवाओं का पलायन: बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की तलाश में राज्य से बाहर जाते युवाओं का मुद्दा इस बार चुनाव में हावी रहा।
कांग्रेस दफ्तर में जश्न, AKG सेंटर में मंथन
तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया है और नारों की गूंज सुनाई दे रही है। वहीं, सीपीएम के गढ़ 'एकेजी सेंटर' में सन्नाटा है, हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल शुरुआती बढ़त है और अंतिम नतीजे उनके पक्ष में होंगे।
क्या पिनाराई विजयन का 'पंच' सफल होगा या कांग्रेस की 'हाथ' में आएगी सत्ता? सटीक नतीजों के लिए हमारे साथ बने रहें।





