तिरुवनंतपुरम: केरल राज्य चलचित्र अकादमी के नेतृत्व में हालिया बदलाव अब विवादों के घेरे में है। अकादमी के पूर्व प्रभारी अध्यक्ष और अभिनेता प्रेम कुमार द्वारा सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद, सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन ने शनिवार को स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्री ने कहा कि यह बदलाव शासी निकाय का कार्यकाल पूरा होने के बाद की गई एक नियमित प्रक्रिया थी।

प्रेम कुमार के 'दोहरे मापदंड' वाले आरोप

दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रेम कुमार ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने केरल साहित्य अकादमी के अध्यक्ष के. सच्चिदानंदन का उदाहरण देते हुए कहा:

सच्चिदानंदन का मामला: वे सार्वजनिक रूप से एलडीएफ (LDF) सरकार के खिलाफ बयान दे चुके हैं कि सरकार को तीसरा कार्यकाल नहीं मिलना चाहिए, फिर भी वे अपने पद पर बने हुए हैं।

अचानक विदाई: प्रेम कुमार का दावा है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया, वह भी तब जब वे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFK) की तैयारियों में जुटे थे।

मंत्री का जवाब: "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान"

साजी चेरियन ने प्रेम कुमार के आरोपों को "गलतफहमी" करार देते हुए कहा कि सरकार सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं के स्वतंत्र विचारों का सम्मान करती है।

निजी राय बनाम सरकारी पद: मंत्री ने कहा, "सरकार यह दबाव नहीं डालती कि कार्यकर्ताओं के विचार सत्ता पक्ष या एलडीएफ के रुख के अनुरूप हों। चाहे सच्चिदानंदन हों या प्रेम कुमार, उनके विचार उनके व्यक्तिगत हैं।"

काम की सराहना: चेरियन ने स्वीकार किया कि उपाध्यक्ष और प्रभारी अध्यक्ष के रूप में प्रेम कुमार का काम "शानदार और संतोषजनक" रहा है।

प्रशासनिक बदलाव: उन्होंने तर्क दिया कि अकादमी की समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया था, इसलिए ऑस्कर विजेता रसूल पुकुट्टी को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह 'बर्खास्तगी' नहीं, बल्कि एक सामान्य प्रक्रिया थी।

संवाद की कमी की होगी जांच

प्रेम कुमार ने अपनी पोस्ट में नाराजगी जताई थी कि उन्हें अपने सहयोगियों को धन्यवाद देने तक का समय नहीं दिया गया। इस पर मंत्री ने कहा, "यदि सूचना देने में कोई संचार अंतराल (Communication Lapse) रहा है, तो उसकी जांच की जाएगी। यदि उन्हें कोई शिकायत है, तो हम चर्चा के माध्यम से उसका समाधान करेंगे।"

घटनाक्रम का बैकग्राउंड

सितंबर 2024: निर्देशक रंजीत के इस्तीफे के बाद प्रेम कुमार को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

अक्टूबर 2024: प्रेम कुमार को हटाकर रसूल पुकुट्टी को नया अध्यक्ष बनाया गया।

विवाद: प्रेम कुमार का कहना है कि राज्य फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की पूर्व संध्या पर उन्हें हटाना समझ से परे था।

निष्कर्ष: केरल सरकार इस मामले को 'नियमित कार्यकाल' का हिस्सा बताकर शांत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रेम कुमार और सच्चिदानंदन के मामलों की तुलना ने सांस्कृतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।