फगवाड़ा / जालंधर

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में कथित तौर पर एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और आत्महत्या से जुड़ी अफवाहों के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इन दावों के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक उपद्रव में बदल गया।

मिग-23 और टैंक पर चढ़े छात्र, 'वी वांट जस्टिस' के नारे

विरोध प्रदर्शन का असर यूनिवर्सिटी परिसर से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक देखने को मिला:

  • सैन्य धरोहरों पर चढ़े प्रदर्शनकारी: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में छात्र परिसर में प्रदर्शित 'मिग-23 लड़ाकू विमान' और 'सैन्य टैंक' के ऊपर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।
  • आगजनी और तोड़फोड़: उपद्रव के दौरान परिसर की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए, गमले फोड़े गए और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। यूनिवर्सिटी इमारत के कुछ हिस्सों और सामान में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
  • हाईवे जाम: छात्रों ने मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

छात्रों की प्रमुख 6 मांगें

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मामले में पारदर्शिता और कड़े कदम उठाने को लेकर प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. सच्चाई उजागर हो: छात्रा से कथित बलात्कार और आत्महत्या के मामले की पूरी सच्चाई प्रबंधन सामने लाए।
  2. सख्त कार्रवाई: घटना में शामिल दोषी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  3. पारदर्शी जांच: पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और निष्पक्षता से जांच कराई जाए।
  4. प्रबंधन पर गाज: मामले को कथित तौर पर दबाने की कोशिश करने वाले हॉस्टल प्रबंधन और वार्डन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई हो।
  5. हॉस्टल सुरक्षा: छात्राओं के हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल कड़ा किया जाए।
  6. शिकायत निवारण: सुरक्षा व प्रशासनिक शिकायतों के समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था बने।

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पुलिस और प्रशासन का रुख: जांच टीम में 5 छात्र शामिल

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन ने मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT/Investigating Team) में 5 छात्रों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, ताकि वे जांच की हर परत पर सीधी नजर रख सकें।

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यूनिवर्सिटी प्रशासन का खंडन: "पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत अफवाहें"

दूसरी ओर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रही सभी खबरों को सिरे से खारिज किया है।

विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक हैं। उन्होंने छात्रों और आम जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल कैंपस और आसपास के इलाकों में पुलिस का कड़ा पहरा है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन छात्रों से संवाद बनाकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए आधिकारिक जांच जारी है।