नई दिल्ली | तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ चल रहे बहुचर्चित 'कैश-फॉर-क्वेरी' (सवाल के बदले नकद) मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के एक हिस्से पर रोक लगा दी है, जिसने लोकपाल की शक्तियों पर सवाल खड़े किए थे।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: क्या है पूरा मामला?

लोकपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई (CBI) को चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी देने वाले लोकपाल के आदेश को रद्द कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान निम्नलिखित कदम उठाए:

पैरा 89 पर रोक: शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश के उस विशिष्ट हिस्से (पैरा 89) पर रोक लगा दी है, जिसमें लोकपाल को निर्देश दिया गया था कि वह एक महीने के भीतर 'कानून की नई व्याख्या' के आधार पर फिर से मंजूरी देने पर विचार करे।

नोटिस जारी: अदालत ने इस मामले में महुआ मोइत्रा, CBI और शिकायतकर्ता बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को नोटिस जारी कर 3 हफ्ते में जवाब मांगा है।

लोकपाल अधिनियम की धारा 20 पर चर्चा

यह मामला केवल एक राजनेता से नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था 'लोकपाल' की शक्तियों से भी जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने लोकपाल अधिनियम की धारा 20 के तहत दी गई शक्तियों और प्रक्रियाओं से संबंधित याचिकाओं के एक समूह पर भी संज्ञान लिया है। अदालत अब यह तय करेगी कि लोकपाल द्वारा जांच और चार्जशीट की मंजूरी देने की प्रक्रिया की कानूनी सीमाएं क्या हैं।

क्या है 'कैश-फॉर-क्वेरी' विवाद?

यह विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ था जब आरोप लगाया गया था कि महुआ मोइत्रा ने एक प्रमुख कारोबारी से उपहार और नकदी लेकर संसद में सवाल पूछे थे।

12 नवंबर: लोकपाल ने CBI को महुआ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी थी।

19 दिसंबर: दिल्ली हाईकोर्ट ने महुआ की याचिका पर सुनवाई करते हुए लोकपाल की उस मंजूरी को प्रक्रियात्मक खामियों के आधार पर रद्द कर दिया था।

अगला कदम: सुप्रीम कोर्ट अब तीन हफ्ते बाद इस मामले की विस्तृत सुनवाई करेगा। तब तक हाईकोर्ट का वह आदेश निष्प्रभावी रहेगा जिसमें लोकपाल को नए सिरे से विचार करने को कहा गया था। इस फैसले का असर महुआ मोइत्रा की संसदीय सदस्यता और आगामी कानूनी कार्यवाही पर पड़ सकता है।