भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के हित में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के मंत्री समूह के बीच 29 जुलाई को मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी की सीमा को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 60 प्रतिशत करने का बड़ा ऐलान किया है। इसके साथ ही, खाद वितरण में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
बैठक के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना ने संवाददाताओं को इन किसान-हितैषी फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
मूंग उपार्जन: अब 25% के बजाय 60% खरीदी करेगी सरकार
कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा इस वर्ष मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन मूंग उपार्जन का लक्ष्य दिया गया था, जो नियमनुसार कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत होता है। हालांकि, नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों के किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।
बढ़ी खरीदी सीमा: अब पात्र किसानों से उनकी मूंग उपज का 25% नहीं, बल्कि 60% उपार्जन किया जाएगा।
प्रति एकड़ औसत: यह सीमा लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आती है।
तत्काल प्रभाव: यह निर्णय तुरंत लागू कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ उठा सकें।
स्लॉट बुकिंग और खरीदी की तारीखें बढ़ीं
किसानों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने मूंग उपार्जन की समय-सीमा में भी बड़ी राहत दी है:
स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि: अब 30 जुलाई के स्थान पर बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी गई है।
उपार्जन (खरीदी) की अंतिम तिथि: अब 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है।
ई-टोकन से खाद वितरण व्यवस्था स्थगित, बनेगी सुधार समिति
खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था में आ रही तकनीकी व व्यावहारिक समस्याओं पर कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था किसानों की सुविधा के लिए शुरू की गई थी, लेकिन शुरुआती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहम कदम उठाया है।
उच्चस्तरीय समिति का गठन: कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी कमियों की जांच करेगी और सुधार के सुझाव देगी।
तत्काल स्थगन: समिति की सिफारिशें आने और आवश्यक सुधार होने तक ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
कृषि मंत्री ने री-अफर्म किया कि मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार कहे जाने वाले अन्नदाताओं के साथ हर कदम पर खड़ी है और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।





