भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने आज हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए 5 हजार 960 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के कार्यों को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों, बेटियों, जनजातीय समाज और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने वाले कई ऐतिहासिक और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट के इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

बेटियों और कल्याणियों को अगले 5 साल तक मिलती रहेगी मदद

राज्य सरकार ने महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए संचालित दो बेहद लोकप्रिय योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी है:

₹1,740 करोड़ का बजट: मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी (विधवा) विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक निर्बाध रूप से चलाने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

₹55,000 की आर्थिक सहायता: इस योजना के तहत गरीब, निराश्रित और निर्धन परिवारों की बेटियों व परित्यक्ताओं के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।

सफलता का रिकॉर्ड: वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक इस योजना के जरिए 1.72 लाख से अधिक लाभार्थियों को 989 करोड़ रुपये से ज्यादा की मदद पहुंचाई जा चुकी है।

किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय: ब्याज मुक्त कर्ज की नई व्यवस्था

अन्नदाताओं के हित में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण (Short-term Crop Loan) देने की योजना की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है:

एकल ऋण सीमा (Single Loan Limit): अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग ड्यू डेट (देय तिथि) नहीं होगी। इसके स्थान पर एक 'वार्षिक एकल ऋण सीमा' लागू होगी, जिसमें नगद और वस्तु ऋण की उप-सीमा तय रहेगी।

12 महीने का समय: लोन अदायगी की समय-सीमा प्रथम आहरण (पहले विड्रॉल) से 12 महीने निर्धारित की जाएगी।

ब्याज में बड़ी राहत: फसल ऋण लेने वाले किसानों को सरकार 1.25% सामान्य ब्याज अनुदान देगी। इसके अलावा, तय समय पर कर्ज चुकाने वाले ईमानदार किसानों को 4% अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा।

शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प: 100% नामांकन का लक्ष्य

'विकसित मध्यप्रदेश@2047' के विजन के तहत वर्ष 2029 तक स्कूलों में 100% सकल नामांकन दर (GER) प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्कूलों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) की योजना को मंजूरी दी गई है:

स्कूलों का उन्नयन: वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में बदला जाएगा। अगले दो वर्षों (2027-28 और 2028-29) में भी इसी अनुपात में स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा।

बजट: इस पूरी उन्नयन योजना के लिए 635 करोड़ 24 लाख रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई है।

शुजालपुर (शाजापुर) में खुलेगा नया शासकीय विधि महाविद्यालय

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 'लीगल एजुकेशन रूल्स 2008' के नियमों का पालन करते हुए सरकार ने शुजालपुर के जवाहरलाल नेहरू स्मृति कॉलेज में चल रहे लॉ विभाग को अब एक स्वतंत्र शासकीय विधि महाविद्यालय (Government Law College) के रूप में स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक वर्ग के कुल 17 पदों के सृजन और 2 करोड़ 39 लाख रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है।

राशन वितरण और जनजातीय बिजलीकरण के लिए बड़ा फंड

राशन प्रणाली के लिए ₹3,580 करोड़: लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत अनाज के परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।

पीएम जनमन योजना: प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान और 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत बिजलीकरण कार्यों के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि पर देय SGST की रकम राज्य सरकार खुद वहन करेगी और इसे बिजली कंपनियों को शेयर कैपिटल (अंश पूंजी) के रूप में देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले दिखाते हैं कि सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति (किसान, गरीब और जनजातीय समाज) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर केंद्रित है।