आगर मालवा। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों के माध्यम से किसानों की लागत कम करने के प्रयास रंग लाने लगे हैं। आगर मालवा जिले के बड़ोद विकासखंड स्थित असंध्या गांव के सीमांत किसान महेंद्र सिंह (पिता गोकुल सिंह) की जिंदगी में MIDH (मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) योजना एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। योजना के अंतर्गत मिले भारी अनुदान की मदद से अब उनके पास अपना खुद का ट्रैक्टर है, जिससे उनकी खेती की राह आसान हो गई है।
₹4.90 लाख के ट्रैक्टर पर मिली 50% की सीधी सब्सिडी
हॉर्टिकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के तहत महेंद्र सिंह को 20 PTO BHP क्षमता तक के ट्रैक्टर पर ₹2.45 लाख (50 प्रतिशत) का अनुदान प्राप्त हुआ। ट्रैक्टर की कुल कीमत ₹4.90 लाख थी, लेकिन योजना की मदद से आधी लागत सरकार द्वारा वहन किए जाने से सीमांत किसान के लिए अपना ट्रैक्टर खरीदने का सपना साकार हो सका।
किराए के झंझट से मुक्ति, समय और श्रम की बचत
लाभार्थी किसान महेंद्र सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले उन्हें जुताई, बोवनी और अन्य छोटे-छोटे कृषि कार्यों के लिए दूसरे ट्रैक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता था और भारी किराया चुकाना पड़ता था। समय पर ट्रैक्टर न मिलने से फसल चक्र भी प्रभावित होता था।
अब स्वयं का ट्रैक्टर होने से:
- समय पर कृषि कार्य: सभी मौसमी कार्य बिना किसी देरी के समय पर पूरे हो जाते हैं।
- लागत में कमी: किराए के रूप में खर्च होने वाली बड़ी रकम की बचत हो रही है।
- मानव श्रम पर निर्भरता कम: आधुनिक मशीनरी के उपयोग से श्रम और समय दोनों की बचत हो रही है।
आगर मालवा के छोटे किसान महेंद्र सिंह के लिए MIDH योजना के तहत मिली यह सहायता न केवल उनके कृषि कार्यों को सुगम बना रही है, बल्कि उन्हें कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई है।





