भोपाल (मंत्रालय): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में मध्य प्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 5वीं महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में चल रहे सभी बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने की गति प्रदान की जाए।

इस बैठक में मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, वित्तीय आत्मनिर्भरता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े और नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई गई।

1. रेवेन्यू-जनरेटिंग बॉडी को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉर्पोरेशन की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और राज्य खजाने पर निर्भरता कम करने के लिए एक 'रेवेन्यू-जनरेटिंग बॉडी' (Revenue-Generating Body) गठित करने का निर्देश दिया।

  • लक्ष्य: यह निकाय तुरंत कामकाज शुरू कर आय के नए और वैकल्पिक स्रोत विकसित करेगा।
  • मंजूरी: बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है।

2. दो बड़े प्रशासनिक व वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर

बैठक में निगम के कामकाज में प्रशासनिक सुगमता लाने के लिए दो प्रमुख प्रस्ताव स्वीकृत किए गए:

  1. ₹25 करोड़ तक के टेंडर का अधिकार: ₹25 करोड़ तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (PAC) वाली निविदाओं की स्वीकृति और निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक (MD) एवं गठित अधिकार समिति को अधिकृत किया गया है।
  2. दो नए महाप्रबंधक पदों का सृजन: निगम की संगठनात्मक संरचना के तहत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) और महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पदों को मंजूरी दी गई।

3. प्रमुख प्रोजेक्ट्स और उनकी वर्तमान स्थिति

बैठक के दौरान कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक ने राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स का विस्तृत ब्योरा पेश किया:

  • कुल प्रोजेक्ट्स: PWD द्वारा कॉर्पोरेशन को कुल 763 प्रोजेक्ट्स सौंपे गए हैं, जिनकी कुल निर्माण लागत ₹10,994 करोड़ है।
  • जन-मन ऑडिटोरियम: मुख्यमंत्री आवास परिसर में ₹26.57 करोड़ की लागत से 'जन-मन ऑडिटोरियम' का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसका निर्माण जनवरी 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
  • 5 नए मेडिकल कॉलेज: राज्य में 5 मेडिकल कॉलेज—उज्जैन (मेडिसिटी), सिंगरौली, मंडला, रीवा और बुधनी (सीहोर)—तथा उज्जैन में एक संयुक्त प्रशासनिक भवन का निर्माण जारी है। सीएम ने इन सभी का विकास केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) नियमों के तहत करने का आदेश दिया।
  • स्टेट गेस्ट हाउस व सर्किट हाउस: भोपाल में ₹130 करोड़ की लागत से 150 कमरों वाला नया स्टेट गेस्ट हाउस और जबलपुर में ₹65 करोड़ की लागत से 75 कमरों वाला सर्किट हाउस बनाया जा रहा है।

4. ठेकेदारों को राहत: भुगतान समय 33 दिन से घटकर 11 दिन

विवरणपहले की स्थितिनई स्थिति / सुधार
ठेकेदारों का भुगतान (Payment Time)औसतन 33 दिनघटकर 11 दिन
भर्ती प्रक्रिया एवं पारदर्शितासामान्य प्रक्रियाIIM इंदौर के माध्यम से पारदर्शी भर्ती
टेंडर प्रक्रियापारंपरिक ड्राफ्टिंगस्टैंडर्ड टेंडर डॉक्यूमेंट्स की शुरुआत
प्रबंध संचालक का वक्तव्य: भुगतान प्रक्रिया को तेज करने से ठेकेदारों को आर्थिक संबल मिला है और प्रोजेक्ट्स के काम में अनावश्यक देरी पूरी तरह से खत्म हुई है। IIM इंदौर के सहयोग और मानकीकरण (Standardization) से कॉर्पोरेशन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है।

आगे का रोडमैप

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का ध्यान समयबद्ध निर्माण, वित्तीय स्थिरता और गुणवत्ता पर है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और भविष्य की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि मध्य प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो सके।