नई दिल्ली/पुणे। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुए बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगी हैं। दूसरी ओर, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा को रद्द कर 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया है।
शिक्षक ही निकला 'भक्षक': कैसे हुआ खुलासा?
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पी.वी. कुलकर्णी लातूर का रहने वाला है और पुणे में रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) का शिक्षक है।
सीधी पहुंच: कुलकर्णी एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके चलते उसकी पहुंच सीधे प्रश्नपत्रों तक थी।
कोचिंग का खेल: आरोप है कि उसने पुणे में विशेष कोचिंग क्लासेस के जरिए छात्रों को लीक हुए सवाल और उनके जवाब उपलब्ध कराए थे।
बड़ा नेटवर्क: सीबीआई ने देशभर में छापेमारी कर कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
लातूर कनेक्शन: मॉक टेस्ट ने खोली पोल
जांच का एक बड़ा सिरा महाराष्ट्र के लातूर से जुड़ा है, जिसे कोचिंग का हब माना जाता है।
हैरान करने वाला संयोग: एक अभिभावक की शिकायत के अनुसार, एक निजी संस्थान द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के 42 सवाल हूबहू नीट की मुख्य परीक्षा में पूछे गए थे।
हिरासत में शिक्षक: इस शिकायत के बाद सीबीआई ने लातूर के एक कॉलेज के रिटायर्ड शिक्षक को हिरासत में लिया है। लातूर पुलिस पहले ही कोचिंग स्टाफ और काउंसलरों सहित छह लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
राजस्थान SOG का दावा: गेस पेपर से आए 120 सवाल
जांच में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया है। SOG के मुताबिक, परीक्षा से पहले बाजार में प्रसारित एक “गेस पेपर” के लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा पेपर से मेल खाते थे, जो सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करते हैं।
NTA का फैसला: 21 जून को 'री-एग्जाम'
पेपर लीक के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद एनटीए ने 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है।
नई तारीख: अब नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को देशभर में आयोजित की जाएगी।
पंजीकरण: बता दें कि 3 मई को हुई परीक्षा में लगभग 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था।
आधिकारिक सलाह: एनटीए ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी के बजाय केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और माध्यमों पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष: सीबीआई की जांच अब उन बिचौलियों और बड़े नेटवर्क पर टिकी है जिन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए सुरक्षा इंतजामों को और कड़ा किए जाने की उम्मीद है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।





