भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नए घरेलू एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन जारी न होने के कारण हजारों परिवारों के सामने रसोई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। फरवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और पोर्टल बंद रहने के कारण शहर की सभी 46 एलपीजी गैस एजेंसियों के माध्यम से नए कनेक्शन पूरी तरह से ठप पड़े हैं।
इस प्रशासनिक व तकनीकी गतिरोध के कारण अब तक 6,000 से अधिक परिवार नए गैस कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति का बेजा फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
कौन हो रहे हैं सबसे ज्यादा प्रभावित?
शहर में नए कनेक्शन न मिलने से सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जो:
नए मकानों में शिफ्ट हुए हैं।
किराए के मकान में रहने वाले परिवार।
अन्य शहरों से स्थानांतरण (Transfer) होकर भोपाल आए नागरिक।
परिवार विभाजन के बाद नया और अलग गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता।
ये उपभोक्ता बीते पाँच महीनों से लगातार गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार पोर्टल बंद होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
आँकड़ों की नजर से: भोपाल का एलपीजी संकट
[हर महीने जारी होने वाले औसतन कनेक्शन] : ~2,000 [वर्तमान में लंबित आवेदनों की संख्या] : 6,000+ [शहर में कुल एलपीजी उपभोक्ता] : 5,000,000+ (तीनों तेल कंपनियाँ) [दैनिक सिलिंडर आपूर्ति] : 12,000 से 15,000 [कालाबाजारी में सिलिंडर की कीमत] : ₹2,000 से ₹2,500
पीएनजी नेटवर्क न होना और कालाबाजारी की मार
जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहाँ के निवासी इस संकट की सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं। वैध कनेक्शन न मिलने का सीधा फायदा अवैध कारोबारी उठा रहे हैं। मजबूर होकर जरूरतमंद परिवार 2,000 रुपये से लेकर 2,500 रुपये तक में अवैध तरीके से सिलिंडर खरीदने को विवश हैं।
हालाँकि, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए पिछले तीन महीनों में विशेष अभियान चलाकर 1,100 से अधिक अवैध घरेलू गैस सिलिंडर जब्त किए हैं, लेकिन स्थायी समाधान नए कनेक्शन शुरू होने पर ही संभव है।
प्रशासन और एजेंसियों का पक्ष
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, प्रतिदिन हर एजेंसी पर 5 से 6 लोग नए कनेक्शन की जानकारी लेने पहुँचते हैं, लेकिन पोर्टल बंद होने से वे असहाय हैं।
प्रशासनिक बयान:
"शहर में घरेलू गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने का निर्णय सीधे तेल एवं गैस कंपनियों के स्तर पर होना है। जैसे ही ऑनलाइन पोर्टल पुनः शुरू होगा, आवेदनों की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।"
— चंद्रभान सिंह जादौन (जिला आपूर्ति नियंत्रक, भोपाल)





