गाजियाबाद/उत्तर प्रदेश: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच देश में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। तेल कंपनियों ने सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी के लिए नई समय-सीमा निर्धारित की है, जिसे तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया गया है।

यूपी एलपीजी एसोसिएशन और गाजियाबाद एलपीजी एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार ने स्पष्ट किया है कि गैस वितरण में पारदर्शिता और बचत सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

रिफिल के लिए अब करना होगा इंतजार: नया शेड्यूल

नए नियमों के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को उनके कनेक्शन के प्रकार के आधार पर एक निश्चित अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर मिल सकेगा:

कनेक्शन का प्रकाररिफिल के लिए अंतराल (दिनों में)
सिंगल सिलेंडर (1 Cylinder) धारक25 दिन बाद
डबल सिलेंडर (2 Cylinders) धारक35 दिन बाद
उज्ज्वला योजना लाभार्थी45 दिन बाद

कमर्शियल सिलेंडर पर भी पाबंदी

अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को भी सीमित कर दिया गया है। वर्तमान में इनकी सप्लाई केवल आपातकालीन सेवाओं और शिक्षण संस्थानों के लिए ही की जा रही है, ताकि घरेलू आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।

सालाना कोटा पूरा होने पर देना होगा 'हिसाब'

भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने उन उपभोक्ताओं के लिए एक विशेष प्रक्रिया शुरू की है जिन्होंने अपने सालाना कोटे के 12 सिलेंडर रिफिल करा लिए हैं। ऐसे ग्राहकों को अब 'हेलो बीपीसीएल' (Hello BPCL) ऐप पर जाकर नई बुकिंग के समय कुछ अनिवार्य सवालों के जवाब देने होंगे:

परिवार की संख्या: क्या परिवार में 6 या उससे अधिक सदस्य हैं?

अतिथि विवरण: क्या घर में मेहमान आए हुए हैं?

विशेष आयोजन: क्या घर में कोई शादी, भंडारा या अन्य कोई सामाजिक कार्यक्रम है?

अन्य कारण: अन्य किसी घरेलू उपयोग के लिए गैस की अतिरिक्त आवश्यकता का विवरण।

इन सवालों के संतोषजनक जवाब और सत्यापन के बाद ही अतिरिक्त सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार की जाएगी।

निष्कर्ष: बचत ही एकमात्र विकल्प

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन और गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से एलपीजी का सीमित और सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। यह नई व्यवस्था तब तक लागू रह सकती है जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती।