श्योपुर/जबलपुर: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून की शाम मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। भारत में चीतों की वापसी के इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को करीब से देखने और समझने के लिए राष्ट्रपति ने 'चीता कमांड और कंट्रोल सेंटर' का सघन अवलोकन किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें चीतों की 24 घंटे निगरानी (ट्रैकिंग) और उनकी सुरक्षा प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रपति आज कूनो नेशनल पार्क में ही रात्रि विश्राम करेंगी।

'चीता प्रोजेक्ट' की शानदार प्रगति: अब भारत में 52 चीते

राष्ट्रपति मुर्मू ने कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में चीता प्रोजेक्ट की अब तक की यात्रा और प्रगति पर लगाई गई एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत अब भारत में चीतों का कुनबा सफलतापूर्वक बढ़ रहा है।

देश में चीतों की वर्तमान स्थिति:

स्थानचीतों की संख्या
कूनो नेशनल पार्क (श्योपुर)49
गांधी सागर अभयारण्य (मंदसौर)03
कुल संख्या52

जंगल में चीतों के लिए खास इंतजाम

चीतों को प्राकृतिक माहौल में बेहतर सुविधाएं देने के लिए वन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। राष्ट्रपति को बताया गया कि भीषण गर्मी और पानी की जरूरत को देखते हुए जंगल में हर 2 किलोमीटर की दूरी पर 'वॉटर पिट' (पानी के गड्ढे) बनाए गए हैं, जिनमें आवश्यकतानुसार नियमित रूप से पानी भरवाया जाता है।

बोत्सवाना के चीतों से खास लगाव: अधिकारियों ने राष्ट्रपति को हाल ही में बोत्सवाना से लाए गए चीतों की गतिविधियों की भी ताजा जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वयं 8 चीते रिसीव किए थे, जिन्हें बाद में कूनो नेशनल पार्क में सफलतापूर्वक बसाया गया है। रात्रि विश्राम के दौरान राष्ट्रपति इस पुनर्स्थापन परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक भी करेंगी।

जबलपुर में सीएम डॉ. मोहन यादव से आत्मीय मुलाकात

श्योपुर रवाना होने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जबलपुर आगमन हुआ, जहां मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्किट हाउस में उनसे सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेशवासियों की ओर से मध्य प्रदेश प्रवास के लिए राष्ट्रपति का सहृदय आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी मुलाकात के दौरान दोनों के बीच आत्मीय संवाद हुआ।

स्मृति चिन्हों का हुआ आदान-प्रदान:

सीएम ने भेंट की जीवनदायिनी नर्मदा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की जीवनरेखा 'मां नर्मदा' की एक बेहद सुंदर और मनमोहक प्रतिमा भेंट की।

राष्ट्रपति का सप्रेम उपहार: वहीं, राष्ट्रपति मुर्मू ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओडिशा के पुरी स्थित सुप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की एक अलौकिक तस्वीर भेंट की। इसके साथ ही, ओडिशा की ऐतिहासिक धरोहर 'कोणार्क सूर्य मंदिर' के विश्व प्रसिद्ध चक्र की भव्य प्रतिकृति भी उपहार स्वरूप प्रदान की।

राष्ट्रपति के इस दौरे से मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और 'चीता प्रोजेक्ट' को एक नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है।