चंडीगढ़ | पंजाब की सियासत में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग और भारी जीएसटी धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी शनिवार को अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित आवास और उनसे जुड़े कई अन्य ठिकानों पर घंटों चली सघन छापेमारी के बाद हुई है।

छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

ईडी की टीम ने शनिवार सुबह तड़के संजीव अरोड़ा के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सूत्रों के अनुसार:

लंबी पूछताछ: विभाग के अधिकारियों ने मंत्री से लगभग 6 से 7 घंटे तक कड़ी पूछताछ की।

दस्तावेजों की जब्ती: छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सबूत और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तारी: संतोषजनक जवाब न मिलने और सबूतों के आधार पर ईडी ने शाम होते-होते उन्हें हिरासत में ले लिया।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी (GST) खरीद बिलों से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि:

फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया गया।

इस घोटाले से अर्जित धन को 'मनी लॉन्ड्रिंग' के जरिए सफेद करने की कोशिश की गई।

संजीव अरोड़ा पर इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण देने और प्रत्यक्ष रूप से इसमें शामिल होने का संदेह है।

महीने भर में दूसरी और साल की तीसरी रेड

संजीव अरोड़ा के खिलाफ एजेंसी की यह कार्रवाई बेहद आक्रामक रही है।

लगातार दबिश: पिछले एक महीने में यह दूसरी बार है जब अरोड़ा के ठिकानों पर छापा पड़ा है। इससे पहले लुधियाना स्थित उनके आवास पर भी रेड हुई थी।

ताजा छापेमारी: शनिवार सुबह से चल रही इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने फर्जी जीएसटी बिलों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुख्ता सबूत होने का दावा किया है।

"पंजाब गुरुओं की धरती है, तानाशाहों के आगे नहीं झुकेगा" — भगवंत मान

मंत्री की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा:

"बीजेपी की ईडी एक साल में तीसरी बार संजीव अरोड़ा के घर आई है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। मोदी जी याद रखें, यह गुरुओं और शहीद भगत सिंह की धरती है। जैसे औरंगजेब पंजाब को नहीं झुका पाया, वैसे ही पंजाब मोदी की इन चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि चुनाव करीब आते ही भाजपा बम धमाकों, मानहानि के नोटिस और ईडी रेड जैसे हथकंडों पर उतर आती है। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब में नफरत की पैदावार कभी नहीं हो सकती।

केजरीवाल का प्रहार: "मोदी ने पूरे पंजाब को ललकारा है"

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस कार्रवाई को 'राजनीतिक उत्पीड़न' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि:

दबाव की राजनीति: केजरीवाल ने कहा कि अशोक मित्तल के यहाँ रेड कर उन्हें भाजपा में शामिल करवाया गया। चूंकि संजीव अरोड़ा नहीं टूटे, इसलिए उन्हें फिर से निशाना बनाया गया।

अधिकारों पर हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के पानी, यूनिवर्सिटी और फंड्स को रोककर पंजाबियों को प्रताड़ित कर रही है।

ऐतिहासिक संदर्भ: केजरीवाल ने कहा, "जैसे गुरुओं ने औरंगजेब के अत्याचार का सामना किया, वैसे ही आज पंजाब मोदी जी के अत्याचार का सामना करेगा और देश को बचाएगा।"

मोहाली से चंडीगढ़ तक छापेमारी का जाल

उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही ईडी ने मोहाली और चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय (OSD) के करीबियों के नाम भी सामने आए थे। ताजा गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

निष्कर्ष: संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी ने पंजाब की सियासत को पूरी तरह ध्रुवीकृत कर दिया है। जहाँ एक तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का दावा है, वहीं दूसरी ओर इसे लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर हमला बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनैतिक, दोनों मोर्चों पर और गरमाएगा।

सियासी गलियारों में हलचल

कैबिनेट मंत्री की गिरफ्तारी के बाद पंजाब सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। जहाँ विपक्षी दलों ने सरकार के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है, वहीं सत्ता पक्ष ने इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है।

"भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। एजेंसी के पास पर्याप्त सबूत हैं जो 100 करोड़ के इस वित्तीय घोटाले में मंत्री की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।" — ईडी सूत्र

आगे की राह: संजीव अरोड़ा को कल विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है, जहाँ ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि इस घोटाले की परतों को और गहराई से खोला जा सके।