चंडीगढ़: पंजाब में पुराने वैट (VAT) बकाये को निपटाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना (One-Time Settlement - OTS) को व्यापारियों और कारोबारियों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खुलासा किया है कि इस योजना के माध्यम से अब तक करोड़ों रुपये का राजस्व सरकारी खजाने में जमा हो चुका है।
आंकड़ों में सफलता: अब तक का लेखा-जोखा
वित्त मंत्री के अनुसार, प्रदेश के व्यापारी वर्ग ने इस योजना पर गहरा भरोसा जताया है। योजना की प्रगति रिपोर्ट इस प्रकार है:
कुल आवेदन प्राप्त: 7,845
शामिल बकाया राशि: ₹298.39 करोड़
अब तक हुई वसूली: ₹111.16 करोड़
इन डिविजनों में दिखा सबसे ज्यादा उत्साह
राज्य के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों से इस योजना में सबसे अधिक भागीदारी देखने को मिली है। वित्त मंत्री ने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ डिविजनों के व्यापारियों ने पुराने टैक्स विवादों को सुलझाने में सबसे अधिक रुचि दिखाई है। यह पारदर्शिता और करदाता-अनुकूल नीतियों की सफलता का प्रमाण है।
31 मार्च के बाद 'एक्शन मोड' में सरकार
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कारोबारियों को राहत के साथ-साथ कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
समय सीमा: ओटीएस स्कीम का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 है।
सख्त कार्रवाई: इस समय सीमा के बीतने के बाद सरकार 'वसूली मोड' में आ जाएगी।
संपत्तियां चिन्हित: बकाया राशि न चुकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन ने लगभग 8,000 संपत्तियों की पहचान पहले ही कर ली है।
पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीति
वित्त मंत्री ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को मुकदमेबाजी के पुराने बोझ से मुक्त करना और राज्य की राजस्व प्रणाली को मजबूत करना है।
"ओटीएस स्कीम को मिला भरपूर समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान की पारदर्शी नीतियों में करदाताओं के विश्वास को दर्शाता है। हम चाहते हैं कि व्यापारी बिना किसी डर के अपना कारोबार बढ़ाएं।" - हरपाल सिंह चीमा
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
लक्ष्य: पुराने टैक्स बोझ को समाप्त करना और राजस्व बढ़ाना।
अंतिम तिथि: 31 मार्च, 2026 तक खुला है अवसर।
प्रभाव: 7,800 से अधिक व्यापारियों ने पुराने विवाद सुलझाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया।





