रांची:
रांची के चर्चित बड़गाईं अंचल स्थित 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा और धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत ने बड़ा कदम उठाया है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को मामले के कुल 17 में से 14 मुख्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Charge Framing) कर दिए हैं।
वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राज कुमार पाहन को अदालत ने अगली सुनवाई तक का समय दिया है।
तीन आरोपियों को मिला समय, 11 अगस्त को अगली सुनवाई
अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बिनोद कुमार सिंह और राज कुमार पाहन की ओर से समय की मांग की गई थी। अदालत ने उनके आवेदन को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ फिलहाल आरोप गठन को टाल दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 11 अगस्त को निर्धारित की गई है।
इन 14 आरोपियों पर तय हुए आरोप
अदालत ने बड़गाईं अंचल की गैर-हस्तांतरणीय जमीन के फर्जीवाड़े में शामिल निम्नलिखित 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित किए हैं:
भानु प्रताप प्रसाद (पूर्व राजस्व उपनिरीक्षक)
तापस घोष
शेखर कुशवाहा
सद्दाम हुसैन
आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की
अफसर अली
इरशाद अख्तर
कुमार राजश्री
मनोज कुमार यादव
प्रिया रंजन सहाय
बिपिन सिंह
बिजेंद्र सिंह
संजीत कुमार
इरशाद
ED का आरोप: संगठित गिरोह बनाकर किया करोड़ों का हेरफेर
यह मामला ईडी द्वारा 26 फरवरी 2023 को दर्ज कराई गई ECIR से जुड़ा है। सदर थाना की प्राथमिकी और शुरुआती सूचनाओं के आधार पर ईडी ने करीब तीन साल तक गहन जांच की:
अवैध खरीद-बिक्री: ईडी के अनुसार, आरोपियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर बरियातू-बड़गाईं क्षेत्र की संरक्षित 'भुईंहरी जमीन' की अवैध खरीद-बिक्री की और इससे अर्जित काली कमाई को वैध (White) दिखाने की कोशिश की।
पुख्ता सबूत: जांच के दौरान ईडी को कई डायरियां मिली हैं, जिनमें करोड़ों रुपये के नकद लेनदेन का हिसाब दर्ज है।
डिजिटल साक्ष्य: कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक खातों के विवरण और दस्तावेजों से सभी सह-आरोपियों के आपस में गहरे संबंध और वित्तीय लेनदेन की पुष्टि हुई है।
पृष्ठभूमि:
बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जे और फर्जी कागजातों के दम पर हेरफेर करने के मामले में ईडी की पूरक अभियोजन शिकायतों के बाद अब मुकदमा (Trial) निर्णायक दौर में पहुंच गया है।





