नई दिल्ली। देश के मौसम के मिजाज में एक बहुत बड़ा और निर्णायक बदलाव आने वाला है। भीषण गर्मी से तप रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए जहां एक तरफ राहत की खबर है, वहीं दूसरी तरफ मौसम का रौद्र रूप आफत भी बन सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अल-नीनो के प्रभाव के कारण हुई थोड़ी सी देरी के बाद अब किसी भी वक्त केरल में दस्तक दे सकता है।

लेकिन इसके साथ ही, मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत देश के 17 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि (Hailstorm) और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी आंधी का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।

केरल में अगले 48 से 72 घंटों में मानसून का प्रवेश

आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंच जाता है। इस बार आईएमडी ने पहले इसके 26 मई तक आने का अनुमान लगाया था, लेकिन प्रशांत महासागर में सक्रिय 'अल-नीनो' की स्थिति के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई है। हालांकि, अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को सराबोर कर देगा। इसके चलते पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।

आईएमडी की बड़ी चेतावनी: उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 50 से 70 किमी/घंटा (कुछ जगहों पर 80 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी, गंभीर तूफान और ओलावृष्टि की आशंका है।

राज्यवार मौसम का पूरा हाल: कहाँ कैसी रहेगी स्थिति?

1. उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली-एनसीआर, यूपी, पंजाब और हरियाणा)

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: 1 से 5 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। विशेषकर 3 और 4 जून को 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 और 4 जून को तेज आंधी का तांडव देखने को मिल सकता है, जबकि 2 और 5 जून को बारिश के आसार हैं।

उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर: उत्तराखंड में 6 जून तक मध्यम वर्षा जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर में 3 से 5 जून के बीच तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि (ओले गिरने) की प्रबल संभावना है।

राजस्थान: 2 जून को धूलभरी आंधी चलेगी और 3 से 5 जून के बीच विभिन्न इलाकों में बारिश दर्ज की जाएगी।

2. मध्य और पश्चिमी भारत

मध्य प्रदेश: पश्चिमी एमपी में 2-3 जून को भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि पूर्वी हिस्से में 5 जून तक रिमझिम फुहारें पड़ती रहेंगी।

छत्तीसगढ़, विदर्भ और गुजरात: छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में 5 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश होगी। वहीं गुजरात में 4 जून तक मौसम खराब रहने की संभावना है।

3. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत

बिहार और झारखंड: बिहार में 5 और 6 जून को तथा झारखंड में पूरे सप्ताह आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश होगी।

पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा: बंगाल और सिक्किम में 4 से 6 जून के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 जून को 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिसके बाद 3 से 5 जून तक भारी बारिश का दौर चलेगा।

पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 1 से 7 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 जून को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

4. दक्षिण भारत

केरल और माहे: यहां 3 से 7 जून के बीच मानसून की पहली भारी बारिश (Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है।

तमिलनाडु, आंध्र और तेलंगाना: तमिलनाडु में पूरे हफ्ते गरज-चमक बनी रहेगी। आंध्र प्रदेश में 2 जून को भारी बारिश और तेलंगाना में 5 जून तक हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।

आखिर क्यों हुई मानसून में देरी और क्या होगा असर?

मुख्य कारकप्रभावमौसम विभाग का आकलन
अल-नीनो (El Nino)इसके कारण मानसूनी हवाओं की गति धीमी हुई और आगमन में देरी हुई।प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ने से यह स्थिति पैदा होती है।
वर्षा का अनुमानइस साल सामान्य से थोड़ी कम बारिश होने की संभावना है।अल-नीनो का असर भारतीय मानसून पर पड़ता है, जिससे देश के कुछ हिस्सों में सूखा या कम वर्षा देखी जाती है।

सावधानी की सलाह: मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि आंधी और ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। उत्तर भारत के किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की चेतावनी दी गई है।