चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक सूर्योदय हुआ है। दशकों से चले आ रहे द्रविड़ किलों को भेदते हुए, तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई के खचाखच भरे जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह ने राज्य की सत्ता संरचना में एक नए युग की शुरुआत कर दी है।
छह दशकों के एकाधिकार का अंत
विजय की इस ताजपोशी के साथ ही तमिलनाडु में पिछले छह दशकों (60 साल) से चला आ रहा डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) का बारी-बारी वाला शासन समाप्त हो गया है। विजय अब एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे, जिसमें कांग्रेस एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में सत्ता साझा कर रही है।
शपथ ग्रहण का रोमांचक घटनाक्रम
सुबह 10 बजे जब विजय शपथ लेने के लिए खड़े हुए, तो एक दिलचस्प क्षण देखने को मिला। शपथ के दौरान जब विजय निर्धारित प्रारूप से हटकर अपने विचार व्यक्त करने लगे, तो राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें बीच में ही टोक दिया। राज्यपाल ने विनम्रता से उन्हें निर्देशित किया कि वे केवल वही शब्द पढ़ें जो शपथ पत्र में लिखे गए हैं। इसके बाद विजय ने गरिमा के साथ शपथ पूर्ण की और राज्यपाल का अभिनंदन किया।
बहुमत का गणित और कैबिनेट की टीम
पिछले कुछ दिनों से जारी राजनीतिक गहमागहमी शनिवार शाम को तब शांत हुई जब वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने विजय को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके साथ ही टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 120 तक पहुँच गया। राज्यपाल ने विजय को 13 मई तक विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का समय दिया है।
विजय की टीम (नए मंत्री): मुख्यमंत्री के साथ 9 वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. के.जी. अरुणराज
के.ए. सेंगोत्तैयान, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार
राजमोहन, एस. कीर्तना और डॉ. टी.के. प्रभु।
बीजेपी की नसीहत: "यहाँ हर रोज़ देनी होगी एक हिट फिल्म"
विजय की इस नई पारी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उन्हें बधाई तो दी, लेकिन साथ ही एक बड़ी चुनौती की ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा:
"फिल्मी पर्दे की दुनिया और राजनीति की वास्तविकता में बहुत अंतर है। विजय के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए राजनीति के मैदान में हर रोज एक 'हिट' फिल्म देनी होगी।"
दिग्गजों की मौजूदगी
इस भव्य समारोह में राज्य के कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे। तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने भी कार्यक्रम में शिरकत की, जो राज्य की बदलती राजनीतिक फिजा को दर्शा रहा है।
अब सबकी निगाहें 13 मई पर टिकी हैं, जब विजय विधानसभा में अपना पहला 'शक्ति परीक्षण' पास करेंगे। तमिलनाडु की जनता अपने 'थलापति' से सुशासन और बदलाव की उम्मीद लगाए बैठी है।





