सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को एक हृदय विदारक दुर्घटना घटी। प्लांट में अचानक हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने न केवल 9 निर्दोष मजदूरों की जान ले ली, बल्कि 30 से अधिक श्रमिकों को घायल कर दिया है। विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर तक सुनी गई और पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
धमाके के बाद मची चीख-पुकार और भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे। अचानक बॉयलर में विस्फोट हुआ और देखते ही देखते आग और धुएं के गुबार ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। धमाके के बाद वहां काम कर रहे श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई मजदूर आग की लपटों में झुलस गए, वहीं कुछ मलबे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए।
राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुँचा।
मृतकों की संख्या: अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
घायलों की स्थिति: करीब 30 मजदूर घायल हैं, जिनमें से 10 से अधिक की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के मुताबिक, बॉयलर का ट्यूब फटने की वजह से यह हादसा हुआ। कुछ और मजदूरों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत दल लगातार प्रयासरत है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। श्रमिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बॉयलर के रखरखाव में कोई लापरवाही बरती गई थी या यह तकनीकी खामी का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने व्यक्त की गहरी संवेदना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे एक अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक घटना बताते हुए मृतकों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जाए और पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता की जाए।
प्रशासनिक नोट: फिलहाल प्लांट परिसर को सील कर दिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गहन जांच में जुटी है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।





