पटना/गया: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी 'समृद्धि यात्रा' के चौथे चरण का आज (20 मार्च) आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण दिन है। राज्यसभा जाने से पूर्व विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से निकली इस यात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री मगध प्रमंडल के गया और औरंगाबाद जिलों में विकास की बड़ी लकीर खींचेंगे। आज के कार्यक्रमों में करोड़ों की योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के साथ-साथ सीधे 'जनसंवाद' पर जोर रहेगा।

गया दौरा: ₹744 करोड़ की विकास योजनाओं की झड़ी

सुबह 10:15 बजे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर गया की धरती पर उतरेगा। यहाँ वे जिले के कायाकल्प के लिए कई बड़ी परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे:

शिलान्यास: ₹377 करोड़ की लागत वाली 140 नई योजनाओं की नींव रखी जाएगी।

उद्घाटन: ₹367 करोड़ की 553 तैयार योजनाओं को जनता को समर्पित किया जाएगा।

समीक्षा बैठक: सीएम जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठकर कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानेंगे और कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश देंगे।

औरंगाबाद: 'जल-जीवन-हरियाली' पर विशेष नजर

दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री औरंगाबाद पहुँचेंगे, जहाँ वे जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹678 करोड़ की योजनाओं का उपहार देंगे:

योजनाएं: ₹555 करोड़ की 120 योजनाओं का शिलान्यास और ₹123 करोड़ की 142 योजनाओं का लोकार्पण होगा।

निरीक्षण: सीएम एनीकट घाट पर निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का जायजा लेंगे, जो 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जनसंवाद: जनता की नब्ज टटोलेंगे मुख्यमंत्री

इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता 'जनसंवाद' कार्यक्रम है। गया और औरंगाबाद दोनों ही स्थानों पर नीतीश कुमार सीधे आम नागरिकों से मुखातिब होंगे। इसका उद्देश्य सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेना और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

चौथे चरण का रिपोर्ट कार्ड (17-20 मार्च)

17 मार्च से शुरू हुए इस चरण में मुख्यमंत्री ने भागलपुर से लेकर लखीसराय तक विकास की नई इबारत लिखी है।

जिलाकुल शिलान्यास (₹ करोड़)कुल उद्घाटन (₹ करोड़)प्रमुख गतिविधियाँ
भागलपुर271171विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण।
बांका591118जनसंवाद एवं समीक्षा बैठक।
मुंगेर3287नई परियोजनाओं की घोषणा।
लखीसराय208118अधिकारियों के साथ कार्य प्रगति की जांच।
गया (आज)377367भारी निवेश और प्रशासनिक समीक्षा।
औरंगाबाद (आज)555123वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का विशेष निरीक्षण।

निष्कर्ष

नीतीश कुमार की यह यात्रा न केवल विकास कार्यों की समीक्षा है, बल्कि राज्यसभा जाने से पहले राज्य के विभिन्न कोनों में अपनी पकड़ और प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाने का एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है। गया और औरंगाबाद के कार्यक्रमों के साथ ही इस समृद्ध यात्रा के इस सफल चरण का औपचारिक समापन हो जाएगा।