रांची। राजधानी के बरियातु थाना क्षेत्र के ब्राम्बे आवास चिरौंदी में महज एक क्रिकेट गेंद को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद चंद मिनटों में खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हिंसक झड़प में रांची महानगर कांग्रेस के महासचिव और होटल व्यवसायी संतोष साह पर धारदार 'फाइटर' से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनकी बाईं आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। रिम्स (RIMS) में उनका इलाज कर रहे डॉक्टर दीपक ने जांच के बाद पुष्टि की है कि आंख को हुआ नुकसान स्थायी है और अब रोशनी वापस आना संभव नहीं है।

गेंद वापस मांगने गए थे कांग्रेस नेता, नशेड़ियों ने कर दिया हमला

घटना शुक्रवार शाम की है, जब संतोष साह का बड़ा बेटा विराट साह और उसका दोस्त रौनक घर के पास के मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान गेंद वहां कुछ दूरी पर बैठे सोहेल अंसारी, गोलू राम, शुभान अंसारी और उनके साथियों के पास चली गई, जो कथित तौर पर नशे की हालत में थे।

जब बेटा विराट गेंद लेने गया, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार शुरू कर दिया।

बेटे को विवाद में घिराव देख संतोष साह मौके पर पहुंचे और उन्होंने युवकों से शांति से गेंद लौटाने को कहा।

इसी दौरान आरोपी गोलू राम ने संतोष साह को दबोच लिया, जबकि सोहेल और शुभान अंसारी ने धारदार 'फाइटर' से उनके सिर और आंख पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

बीच-बचाव करने आईं संतोष साह की पत्नी को भी आरोपियों ने मारपीट कर घायल कर दिया।

पुरानी राजनीतिक रंजिश का शक

पीड़ित संतोष साह ने इस हमले को सिर्फ एक तात्कालिक विवाद न मानकर इसके पीछे पुरानी राजनीतिक रंजिश की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि पिछले वार्ड पार्षद चुनाव के दौरान वह एक प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। उस समय भी इन आरोपियों ने उन पर बस्ती में प्रचार न करने का दबाव बनाया था और गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। साह का आरोप है कि उसी खुन्नस को निकालने के लिए इस मामूली बात को इतना बड़ा बतंगड़ बनाया गया।

बरियातु थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

दूसरी घटना: सदर थाना क्षेत्र में दिव्यांग युवक को पीटा

रांची के ही सदर थाना क्षेत्र से भी नशे की हालत में मारपीट का एक और मामला सामने आया है। पीड़िता विनीता देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका शारीरिक रूप से दिव्यांग बेटा कुणाल कुमार शुक्रवार रात जब घर लौट रहा था, तभी शुभम और पितांबर नाम के दो युवकों ने नशे में धुत होकर उसे रोका।

आरोपियों ने दिव्यांग युवक को न सिर्फ अपमानित किया और गालियां दीं, बल्कि उसके कपड़े फाड़कर उसके साथ जमकर मारपीट भी की। धक्का-मुक्की के दौरान एक आरोपी पितांबर के सिर में भी चोट आई है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।

संपादकीय टिप्पणी: बेलगाम होते जा रहे अपराधी एक ओर खेल के मैदान में बच्चों की गेंद पर कलाई में पहने जाने वाले लोहे के 'फाइटर' से सीधे आंख फोड़ दी जाती है, तो दूसरी ओर राह चलते दिव्यांग को निशाना बनाया जाता है। दोनों ही घटनाओं में 'नशे' और 'आपराधिक दुस्साहस' का जो घातक कॉम्बिनेशन दिखा है, वह रांची की कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े करता है।